वन क्षेत्रों के समीपस्थ ग्रामों में रहने वाले पशुपालकों के विकास और वन पारिस्थितिकी तंत्र के संरक्षण के बीच सामंजस्य बनाने वन विभाग के साथ किया गया अभिसरण: पशुपालन मंत्री
भोपाल{ गहरी खोज } : पशुपालन एवं डेयरी विभाग मंत्री श्री लखन पटेल ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश सरकार दुग्ध उत्पादन को दोगुना करने और वन-वन्यजीव संरक्षण के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि इसके लिए अब एक नई पहल की गई है। इस पहल के अंतर्गत वन क्षेत्रों के समीपस्थ ग्रामों में रहने वाले पशुपालकों के सतत विकास, उनकी आजीविका में सुधार तथा वन पारिस्थितिकी तंत्र के संरक्षण के बीच सामंजस्य स्थापित किया जाएगा। राज्यमंत्री श्री पटेल ने बताया कि प्रदेश के समस्त वन क्षेत्रों-अभयारण्यों-राष्ट्रीय उद्यानों की पांच किलोमीटर परिधि में स्थित ग्रामों का चयन कर, चरणबद्ध रूप से “क्षीर धारा ग्राम” के रूप में विकसित किया जाएगा।
पशुपालन मंत्री श्री लखन पटेल ने बताया कि यह अभिसरण पशुपालकों की आजीविका सुरक्षा एवं वन संपदा के संरक्षण के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। इसके क्रियान्वयन के लिए दो चरणों की रणनीति बनाई गई है। प्रत्येक वन मंडल से कुछ ग्रामों को “क्षीर धारा ग्राम योजना” के निर्धारित मापदंडों के आधार पर पहले चरण के लिए चयनित किया जाएगा। इस चयन में कम पशु संख्या वाले, जागरूक पशुपालक तथा सक्रिय सदस्यों वाली संयुक्त वन प्रबंधन समिति के ग्रामों को प्राथमिकता दी जाएगी। इन ग्रामों में शत-प्रतिशत उच्च नस्ल से गर्भाधारण, पशु स्वास्थ्य (टीकाकरण व टैगिंग) एवं हरा चारा उत्पादन पर तत्काल ध्यान केंद्रित किया जाएगा। दूसरे चरण में शेष सभी पात्र ग्रामों को योजना में शामिल किया जाएगा।
