उपराष्ट्रपति मोरारी बापू की रामकथा में होंगे शामिल

0
9cd0bf66ddd38e03a8ba4df5ee9642ba

नई दिल्ली{ गहरी खोज }: उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने अहिंसा विश्व भारती के संस्थापक जैनाचार्य लोकेशजी द्वारा आयोजित पूज्य मोरारी बापू की रामकथा में भाग लेने का निमंत्रण स्वीकार कर लिया है। जैनाचार्य लोकेशजी ने उपराष्ट्रपति से मुलाकात कर रामकथा के आयोजन को लेकर विस्तृत चर्चा की और उन्हें औपचारिक रूप से आमंत्रित किया। अहिंसा विश्व भारती संस्था द्वारा पूज्य मोरारी बापू की रामकथा 17 जनवरी को सायं 4 बजे तथा 18 से 25 जनवरी 2026 तक प्रतिदिन प्रातः 10 बजे से भारत मंडपम के मल्टीपर्पस हॉल, नई दिल्ली में आयोजित की जाएगी।
जैनाचार्य से मुलाकात के दौरान उपराष्ट्रपति ने कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम का जीवन चरित्र संपूर्ण मानवता के लिए प्रेरणादायक है। उन्होंने कहा कि दिल्ली में होने वाली पूज्य मोरारी बापू की रामकथा भारतीय संस्कृति और “अनेकता में एकता” की भावना की अनूठी मिसाल प्रस्तुत करेगी।
जैनाचार्य लोकेशजी ने कहा कि भारत मंडपम में आयोजित मोरारी बापू की रामकथा दिल्लीवासियों के लिए सौभाग्य की बात है। उन्होंने कहा कि एक ओर उन्होंने स्वयं विश्व धर्म संसद, संयुक्त राष्ट्र संघ, अमेरिका, लंदन, कनाडा जैसे अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अहिंसा, शांति और सद्भावना का संदेश दिया है, वहीं पूज्य मोरारी बापू ने रामकथा के माध्यम से संयुक्त राष्ट्र संघ सहित विश्व मंचों पर सद्भावना, करुणा और ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ का संदेश दिया है।
जैनाचार्य लोकेशजी ने कहा कि विश्व शांति केंद्र की स्थापना के साथ उन्होंने अहिंसा, शांति और सद्भावना को स्थापित करने का जो संकल्प लिया था, उसमें पूज्य मोरारी बापू द्वारा रामकथा की सौगात देना एक अनूठी मिसाल है। यह विश्व शांति और सद्भावना के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। रामकथा के माध्यम से विश्व शांति मिशन के लिए किया गया बापू का आह्वान देश-विदेश में फैले श्रद्धालुओं को प्रेरित करेगा और एक दिन विश्व शांति का सपना साकार होगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *