भारत में एआई को समावेशी, सुलभ और जनोपयोगी बनाने की दिशा में उठाये जा रहे हैं ठोस कदम: वैष्णव
जयपुर{ गहरी खोज }: केन्द्रीय सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मंगलवार को कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आने वाले समय में मानव जीवन का अभिन्न अंग बनेगा और हर व्यक्ति, हर घर तथा हर उद्यम तक इसकी पहुंच होगी तथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत में एआई को समावेशी, सुलभ और जनोपयोगी बनाने की दिशा में ठोस एवं दूरदर्शी कदम उठाए जा रहे हैं।
श्री वैष्णव ने आज यहां जेईसीसी में आयोजित राजस्थान रीजनल एआई इम्पैक्ट कॉन्फ्रेंस 2026 के उद्घाटन सत्र कार्यक्रम से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़कर यह बात कही। उन्होंने कहा कि कम समय में भारत ने एआई मशीनों और तकनीक के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की है और आज देश की एआई क्षमताएं विश्व स्तर पर चर्चित है। एआई कंप्यूट सुविधा को ‘जन-जन’ तक पहुंचाने के उद्देश्य से कॉमन कंप्यूटिंग प्लेटफॉर्म विकसित किया गया है, जिसके अंतर्गत देशभर में कम लागत पर उन्नत कंप्यूट संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि एआई विकास के क्षेत्र में भारत आज विश्व के शीर्ष तीन देशों में शामिल है। चीन, अमेरिका और भारत एआई डेवलपमेंट में अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत की आईटी इंडस्ट्री देश की अर्थव्यवस्था की एक बड़ी ताकत है और एआई के माध्यम से यह शक्ति और सुदृढ़ होगी। विशाल प्रतिभा, मजबूत डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और नवाचार आधारित इकोसिस्टम भारत को वैश्विक स्तर पर एआई क्षेत्र में नेतृत्व की ओर ले जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि एआई, इलेक्ट्रॉनिक्स और डिजिटल टेक्नोलॉजी भारत को आत्मनिर्भर और विकसित राष्ट्र बनाने में निर्णायक भूमिका निभाएंगी। उन्होंने विश्वास जताया कि केंद्र और राज्य सरकारों के समन्वित प्रयासों से राजस्थान तकनीकी नवाचार का एक प्रमुख केंद्र बनकर उभरेगा और देश के युवाओं को नई ऊंचाइयों तक पहुंचने का अवसर मिलेगा।
