आईजीआई एयरपोर्ट पर एक साल में 130 से ज्यादा लोग फर्जी पासपोर्ट और वीजा के साथ गिरफ्तार

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नई दिल्ली { गहरी खोज }:इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा (आईजीआई) पर साल 2025 में वीजा और पासपोर्ट धोखाधड़ी के मामलों में 130 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया गया। ये देश के विभिन्न हिस्सों से ट्रैवल एजेंटों और अवैध इमिग्रेशन नेटवर्क से जुड़े थे। पहली बार 2025 में केवल गिरफ्तारी तक सीमित न रहते हुए मामलों की फाइनेंशियल जांच भी शुरू की गई।
जांच अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि धोखाधड़ी से जुड़े पैसों के लेनदेन का मनी ट्रेल तलाशा जाए। हालांकि अधिकतर मामलों में भुगतान नकद में किया गया था, फिर भी गहन जांच के जरिए संदिग्ध गतिविधियों से जुड़े 100 से अधिक बैंक खातों की पहचान कर उन्हें डेबिट से फ्रीज कर दिया गया है। इसके साथ ही, एजेंटों द्वारा आपराधिक गतिविधियों से अर्जित की गई संपत्तियों की पहचान की जा रही है।
एक मामले में पहली बार सक्षम अदालत में संपत्ति अटैच करने के लिए आवेदन दाखिल किया गया है। अधिकारियों के अनुसार, अन्य मामलों में भी इसी तरह की कानूनी प्रक्रिया अपनाई जाएगी, ताकि अवैध कमाई पर पूरी तरह रोक लगाई जा सके। इसके लिए विशेष टीम का भी गठन किया गया है, जो हर पहलू की जांच कर रही है और उसकी रिपोर्ट तत्काल उच्च अधिकारियों को दे रही है। इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट यूनिट ने साल 2025 में फरार आरोपियों के खिलाफ 140 लुकआउट सर्कुलर भी जारी किए, जिससे विदेश भागने की कोशिश कर रहे अपराधियों को रोका जा सके। इसके साथ ही कई लोगों को चिह्नित किया गया है जो इस काम में शामिल थे।
एयरपोर्ट पर दलाली और चोरी के मामलों में भी कड़ी कार्रवाई की गई। दलाली से जुड़े 400 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया गया। वहीं, यात्रियों के सामान और कार्गो से चोरी के मामलों में 60 से अधिक आरोपियों की गिरफ्तारी हुई। इन मामलों में संबंधित एयरलाइंस के ग्राउंड हैंडलिंग स्टाफ से भी पूछताछ की गई। दिल्ली पुलिस की इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट यूनिट का स्पष्ट कहना है कि एयरपोर्ट पर अवैध इमिग्रेशन, धोखाधड़ी, दलाली और चोरी जैसी किसी भी गैर-कानूनी गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऐसी गतिविधियों को पूरी तरह खत्म करने के लिए सख्त और निरंतर कार्रवाई जारी रहेगी।

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