विश्व रैपिड शतरंज चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीतने पर हंपी और एरिगैसी की पीएम मोदी ने सराहना की
नई दिल्ली{ गहरी खोज }: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को दोहा में आयोजित फिडे विश्व रैपिड शतरंज चैंपियनशिप में भारत की दिग्गज खिलाड़ी कोनेरू हंपी और युवा शतरंज खिलाड़ी अर्जुन एरिगैसी द्वारा कांस्य पदक जीतने पर उनकी सराहना की। उन्होंने महिलाओं और ओपन वर्ग में कांस्य पदक हासिल करने के लिए दोनों खिलाड़ियों की मेहनत, समर्पण और जज्बे की प्रशंसा की।
महिला वर्ग में गत चैंपियन के रूप में उतरीं हंपी रविवार को अंतिम दौर के बाद 8.5 अंकों के साथ दो अन्य ग्रैंडमास्टर्स के साथ संयुक्त रूप से शीर्ष पर थीं, लेकिन अंतरराष्ट्रीय शतरंज महासंघ (फिडे) के टाई-ब्रेकर नियमों के चलते उन्हें कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा।
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, “2025 फिडे विश्व रैपिड शतरंज चैंपियनशिप, दोहा में शानदार प्रदर्शन करते हुए महिला वर्ग में कांस्य पदक जीतने पर कोनेरू हंपी को बधाई। खेल के प्रति उनका समर्पण प्रशंसनीय है। आने वाले प्रयासों के लिए शुभकामनाएं।”
प्रधानमंत्री अक्सर भारतीय खिलाड़ियों और पैरा-एथलीटों की उपलब्धियों को व्यक्तिगत रूप से सराहते रहे हैं और विभिन्न खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों से मुलाकात भी करते हैं। पीएम मोदी ने अर्जुन एरिगैसी के जुझारूपन की भी सराहना की, जिन्होंने ओपन वर्ग में विश्व नंबर एक मैग्नस कार्लसन और रूस के ग्रैंडमास्टर व्लादिस्लाव आर्तेमिएव के बाद तीसरा स्थान हासिल कर ऐतिहासिक कांस्य पदक जीता।
उन्होंने लिखा, “फिडे विश्व रैपिड शतरंज चैंपियनशिप, दोहा के ओपन वर्ग में कांस्य पदक जीतने पर अर्जुन एरिगैसी पर गर्व है। उनका जज्बा काबिले-तारीफ है। उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं।” 22 वर्षीय अर्जुन एरिगैसी विश्व रैपिड चैंपियनशिप के पोडियम पर जगह बनाने वाले भारत के दूसरे पुरुष खिलाड़ी बने। उनसे पहले यह उपलब्धि पांच बार के विश्व चैंपियन विश्वनाथन आनंद ने हासिल की थी। यदि हंपी रविवार को खिताब जीत जातीं, तो वह तीन बार विश्व रैपिड खिताब जीतने वाली पहली महिला खिलाड़ी बन जातीं। इससे पहले उन्होंने 2019 और 2024 में यह खिताब जीता था। साथ ही वह चीन की जू वेनजुन के बाद लगातार दो बार खिताब जीतने वाली दूसरी महिला खिलाड़ी भी बन सकती थीं। हालांकि, टाई-ब्रेकर नियमों के कारण 38 वर्षीय हंपी को निराशा हाथ लगी।
फिडे के टाई-ब्रेकर नियम लागू होने के बाद हंपी चीन की झू जिनर और रूस की ग्रैंडमास्टर अलेक्ज़ेंड्रा गोर्याचकिना से पीछे रहीं, जबकि तीनों खिलाड़ियों के अंक समान थे। गोर्याचकिना ने अपना पहला विश्व रैपिड खिताब जीतते हुए 40,000 यूरो की पुरस्कार राशि हासिल की। ओपन वर्ग में अर्जुन एरिगैसी ने कांस्य पदक जीता, जबकि स्वर्ण मैग्नस कार्लसन और रजत व्लादिस्लाव आर्तेमिएव के नाम रहा। हंपी को अब विश्व ब्लिट्ज शतरंज खिताब जीतने का मौका मिलेगा, जिसकी शुरुआत सोमवार को दोहा में होगी।
