खिचड़ी मेले की तैयारियों में जुटा गोरखपुर: योगी ने गोरखनाथ मंदिर में व्यवस्थाओं की समीक्षा की
गोरखपुर{ गहरी खोज }:उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को मकर संक्रांति के अवसर पर गोरखनाथ मंदिर में आयोजित होने वाले ‘खिचड़ी मेले’ की तैयारियों की समीक्षा की और कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। तैयारियों के समय पर पूरा होने पर संतोष व्यक्त करते हुए उन्होंने प्रशासन और संबंधित सभी विभागों को निर्देश दिया कि वे अपनी-अपनी जिम्मेदारियों से जुड़ी व्यवस्थाओं की लगातार समीक्षा करें और आवश्यकतानुसार उन्हें और बेहतर बनाएं। खिचड़ी मेला मकर संक्रांति से शुरू होकर एक माह से अधिक समय तक चलता है। मकर संक्रांति 14 जनवरी 2026 को मनाई जाएगी। देर शाम गोरखनाथ मंदिर में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ हुई बैठक के दौरान मुख्यमंत्री को मेले की तैयारियों की विस्तृत जानकारी दी गई।
आदित्यनाथ ने कहा कि खिचड़ी मेला न केवल पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार और नेपाल के श्रद्धालुओं के लिए एक प्रमुख धार्मिक आयोजन है, बल्कि यह देश-विदेश से आने वाले तीर्थयात्रियों को भी आकर्षित करता है। इसके व्यापक आध्यात्मिक महत्व को देखते हुए श्रद्धालुओं को विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराई जानी चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह मेला गोरखपुर के विकास को प्रदर्शित करने का भी एक महत्वपूर्ण अवसर है और अधिकारियों से सुनिश्चित करने को कहा कि आगंतुक शहर की एक सकारात्मक और स्थायी छवि लेकर लौटें।
उन्होंने मजबूत सुरक्षा व्यवस्था, प्रभावी यातायात प्रबंधन, अच्छी तरह रखी गई सड़कों, स्वच्छ शौचालयों, उचित साफ-सफाई, पर्याप्त रोशनी और अलाव की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। आदित्यनाथ ने जोर देकर कहा कि किसी भी श्रद्धालु को खुले में सोने के लिए मजबूर न किया जाए और उन्हें गरिमा के साथ पास के रैन बसेरों में ठहराया जाए, जहां बिस्तर, कंबल और स्वच्छता की उचित व्यवस्था हो। उन्होंने कड़ी पुलिस निगरानी, सुव्यवस्थित पार्किंग व्यवस्था तथा परिवहन सुविधाओं के व्यापक प्रचार-प्रसार पर भी बल दिया, जिसमें गांव स्तर की कनेक्टिविटी और रेलवे द्वारा संचालित विशेष मेला ट्रेनों की जानकारी शामिल है।
