सच कहा आगरकर ने, वैभव ने मजबूर कर दिया

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सुनील दास
संपादकीय { गहरी खोज }:
किसी भी खेल में किसी खिलाड़ी को जल्दी देश की तरफ से खेलने का मौका नहीं मिलता है।उसे कई स्तरों पर मैदान में साबित करना पड़ता है कि वह देश के लिए खेलने की योग्यता रखता है। कई लोग दस दस,बीस बीस साल खेलते रहते हैं और साबित नहीं कर पाते हैं कि वह देश के लिए खेलने की योग्यता रखते हैं और गिनती के खिलाड़ी ऐसे होते हैं जो एक मौका मिलने पर साबित करने का प्रयास करते हैं कि वह गुड,बेटर,बेस्ट नहीं असाधारण खिलाड़ी हैं। हर खेल में गुड बहुत ज्यादा,बेटर उससे कम,बेस्ट उससे कम खिलाडी़ होते हैं और असाधारण खिलाड़ी तो कभी कभी सामने आते हैं। असाधारण खिलाड़ी कम उम्र में ही अपनी प्रतिभा का परिचय दे देते हैं। उनको कुछ गेंद खेलने का मौका मिलता है तो वह बता देते हैं कि मैं असाधारण खिलाडी हूं। इस देश में अब तक क्रिकेट में सचिन तेंदुलकर ही साधारण परिवार में पैदा होने वाली असाधारण खिलाडी़ माने जाते हैं, उनको ग़ॉड आफ क्रिकेट कहा जाता है, क्रिकेट का भगवान कहा जाता है।

देश में सचिन तेंदुलकर के साथ किसी खिलाड़ी की तुलना अब तक नहीं की जाती है। बेस्ट क्रिकेट खिलाड़ी तो बहुत हैं लेकिन असाधारण कोई नहीं है।तीन दशक से ज्यादा समय तक इस देश में तेंदुलकर जैसा एक भी खिलाड़ी नहीं हुआ।कोई सोचता भी नहीं था कि तेंदुलकर जैसा कोई खिलाड़ी हो भी सकता है।आईपीएल २०२६ में जाकर अब देश के लोग मानने लगे हैं कि देश में किक्रेट का एक और असाधारण खिलाडी है।उसका नाम है वैभव सूर्यवंशी। अभी उसकी तुलना तेंदुलकर से नहीं की जा सकती लेकिन उसे असाधारण क्रिकेट खिलाड़ी तो माना जा रहा है खासकर आईपीएल में उसके खेल को देखकर, उसे मिले पांच अवार्ड को देखकर।१५ साल की उम्र में जब बच्चे बैट पकड़कर गेंद को मारना सीखते हैं तो वैभव ने १५ साल की उम्र में ५९ छक्कों का रिकार्ड तोड़कर बता दिया कि वह असाधारण हैं। कोई खिलाड़ी आईपीएल में आज तक एक साथ पांच अवार्ड नहीं जीत पाया है, वैभव ने दूसरे सीजन में पांच अवार्ड जीतकर देश विदेश में चर्चा का विषय बने रहे हैं।

उनकी असाधारण खेल प्रतिभा को देखते हुए ही आईपीएल के दौरान ही उनको भारतीय टी-२० टीम में शामिल करने की बातें की जाने लगी थी। देश के जितने दिग्गज क्रिकेट खिलाडी़ हैं, सब चाहते हैं उनको भारतीय टीम में शामिल कर खेलने का मौका दिया जाना चाहिए। सुनील गावस्कर व तेंदुलकर किसी क्रिकेट खिलाड़ी की तारीफ कम ही करते हैं।उन्होंने भी जब कह दिया कि वैभव को भारतीय टी-२० टीम में मौका जल्द दिया जाना चाहिए तो साफ हो गया था कि जल्द ही उनको भारतीय टी-२० टीम में शामिल कर देश व विदेश में खेलने का मौका दिया जाएगा।आईपीएल समाप्त होने के कुछ ही दिनों के भीतर यह खबर भी आ गई कि वैभव को श्रीलंका जाने वाली ए टीम में मौका दिया गया है और साथ ही आयरलैंड व इंग्लैंड दौरे के लिए भी उनको चुना गया है। वह भारतीय टीम के लिए सबसे कम उम्र में चुने गए हैं। वह जब जिस दिन मैदान में उतरेंगे उस दिन वह सचिन तेंदुलकर का सबसे कम उम्र में देश के लिए खेलने का रिकार्ड तोड़ेंगे और नया रिकार्ड बनाएंगे।

चीफ सलेक्टर अजीत आगरकर ने वैभव को टीम इंडिया के लिए चुने जाने के बाद उनसे पूछा गया तो उन्होंने कहा कि वैभव सूर्यवंशी ने उनको टीम इंडिया के लिए चुनने को मजबूर कर दिया। यह सच है कि टीम इंडिया के लिए १५ साल के किसी खिलाड़ी को किसी तरह से योग्य नहीं माना जाता है। वैभव ने आईपीएल में खेल ही ऐसा खेला कि देश के लिए खिलाड़ी चुनने वाले अजीत आगरकर उनको चुनना पड़ा और कहना भी प़ड़ा कि वैभव ने अपने दो आईपीएल के खेल से हमको चुनने के लिए मजबूर कर दिया। यानी देश के लिए खेलने का मौका उनको देना पड़ा। ऐसे बहुत कम खिलाड़ी होते हैं जो अपनी उम्र से ज्यादा अच्छा खेलते हैं,उनकी उम्र को देखते हुए जब लोग उसका खेल देखते हैं सबको हैरानी होती है कि ऐसा कैसे खेल लेता है। वैभव ने दिग्गज बैट्समैन हो या दिग्गज खिलाड़ी सबको हैरान किया है।सबने उसका तारीफ की है। सबने उसकी प्रतिभा की सराहना की है कि ऐसी प्रतिभा किसी किसी खिलाड़ी में होती है।

वैभव भारत ए टीम के साथ श्रीलंका पहुंच गए हैं और उनको श्रीलंका व अफगानिस्तान के साथ कई मैच खेलने हैं।उनसे उम्मीद की जा रही है कि वह आईपीएल की तरह की श्रीलंका में शानदार खेल का प्रदर्शन करेंगे। अब तक तो उनको जब भी मौका मिला है वह अच्छा खेले हैं, इसलिए उम्मीद की जा सकती है कि उनका श्रीलंका दौरा सफल रहेगा और वह देश के किक्रेट प्रेमियाें को निराश नहीं करेंगे। क्रिकेट के खेल में कुछ भी हो सकता है,इसलिए वैभव कुछ मैच अच्छा नहीं खेल पाए तो भी उनको आगे खेलने का मौका दिया जाना चाहिए ताकि वह खुद को मैदान में साबित कर सकें। यह वक्त वैभव को मौका देने का है। मौका मिला है तो अच्छा खेलते हैं तो अच्छी बात है, एक दो मैच अच्छा नहीं खेलते हैं तो भी भराेसा करना होगा वह आगे देश के लिए अच्छा खेलेंगे। भारतीय क्रिकेट को कई दशकों बाद असाधारण खिलाड़ी मिला है, उसका हर तरह से ख्याल क्रिकेट बोर्ड व क्रिकेट खिलाड़ियों का रखना होगा।

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