ऑनलाइन ट्रेडिंग स्कैम का खुलासा, पंजाब से साइबर ठग गिरफ्तार
देहरादून{ गहरी खोज }: जिले में ऑनलाइन शेयर ट्रेडिंग और निवेश के नाम पर करोड़ों रुपये की साइबर ठगी करने वाले संगठित गिरोह का पर्दाफाश करते हुए उत्तराखंड एसटीएफ की साइबर क्राइम पुलिस टीम ने पंजाब के लुधियाना से एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर देश के कई राज्यों में साइबर धोखाधड़ी के मामले दर्ज हैं।
एसटीएफ के अनुसार, देहरादून निवासी ओएनजीसी से सेवानिवृत्त एक वरिष्ठ नागरिक से निवेश पर भारी मुनाफे का लालच देकर 1.87 करोड़ से अधिक की ठगी की गई। पीड़ित को व्हाट्सएप ग्रुप और फर्जी ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म के माध्यम से निवेश के लिए प्रेरित किया गया था। शिकायतकर्ता ने साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन देहरादून में दर्ज कराई शिकायत में बताया कि जनवरी 2026 में उन्हें एक निवेश योजना से जुड़ा व्हाट्सएप संदेश मिला। इसके बाद खुद को आदित्य बिड़ला सन लाइफ एसेट मैनेजमेंट कंपनी का अधिकृत निवेश सलाहकार बताने वाली महिला ने संपर्क किया।
पीड़ित को एल 103-एबीएसएल द ग्रुप ऑफ विजडम नामक व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ा गया, जहां लगातार ट्रेडिंग गतिविधियां, लाभ के स्क्रीनशॉट और निवेशकों के कथित अनुभव साझा किए जाते थे। बाद में उन्हें एक वीआईपी ग्रुप में शिफ्ट किया गया, जहां नकली ट्रेडिंग डेटा और फर्जी मुनाफा दिखाकर बड़े निवेश के लिए प्रेरित किया गया।
आरोपियों ने कथित तौर पर फर्जी भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) पंजीकरण नंबर का इस्तेमाल कर हाई नेट वर्थ ट्रेडिंग अकाउंट खोलने का झांसा दिया। शुरुआती छोटे निवेश पर मुनाफा दिखाकर पीड़ित का भरोसा जीता गया और बाद में विभिन्न बैंक खातों में बड़ी रकम जमा करवाई गई। एसटीएफ के अनुसार, डिजिटल ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म पर दिखाया जा रहा मुनाफा पूरी तरह मनगढ़ंत था। इसी तरीके से करोड़ों रुपये की साइबर ठगी को अंजाम दिया जा रहा था।
जांच के दौरान बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और व्हाट्सएप डेटा का विश्लेषण कर पुलिस आरोपी तक पहुंची। साइबर टीम ने लुधियाना, पंजाब निवासी 34 वर्षीय सुखराज को गिरफ्तार किया। पुलिस के मुताबिक आरोपी ने केवल दो महीने के लिए बैंक खाता खुलवाया था, जिसमें कुछ ही दिनों में लगभग 18 लाख का लेनदेन पाया गया। इसी खाते में ठगी से जुड़ी 5.60 लाख की राशि भी जमा हुई थी।
एसटीएफ ने बताया कि पीड़ित के करीब 40 लाख होल्ड कर सुरक्षित करा लिए गए हैं और उन्हें वापस दिलाने की प्रक्रिया जारी है। मामले में साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन देहरादून में भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4), 61(2) और आईटी एक्ट की धारा 66 डी के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
उत्तराखंड एसटीएफ ने लोगों से बैंक खाते,एटीएम कार्ड,ओटीपी और यूपीआई पिन किसी के साथ साझा न करने की अपील की है। पुलिस ने कहा कि किसी भी प्रकार के फर्जी निवेश ऑफर, टेलीग्राम या व्हाट्सएप आधारित ट्रेडिंग स्कीम और जल्दी मुनाफा देने वाले प्रस्तावों से सावधान रहें।वित्तीय साइबर अपराध होने पर तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 या राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी गई है।
