अमित शाह ने सरहिंद फतेह दिवस पर बाबा बंदा सिंह बहादुर को किया नमन

0
ade41f1590d88b87584afa8f116c334d

नई दिल्ली{ गहरी खोज }: केंद्रीय गृह एवं सहकारितामंत्री अमित शाह ने बाबा बंदा सिंह बहादुर के सरहिंद फतेह दिवस पर उन्हें नमन करते हुए देशवासियों को शुभकामनाएं दीं। शाह ने एक्स पर लिखा कि बाबा बंदा सिंह बहादुर अटूट आस्था, मातृभूमि के प्रति पूर्ण समर्पण और अन्याय के खिलाफ असाधारण साहस के प्रतीक थे। उन्होंने किसानों को संगठित कर अन्याय के खिलाफ संघर्ष का नेतृत्व किया, मुगलों को पराजित किया और आत्मसम्मान, साहस तथा धर्म की रक्षा का अमर संदेश दिया।
गृहमंत्री ने कहा कि बाबा बंदा सिंह बहादुर तपस्वी हृदय वाले और धर्म की रक्षा के लिए अजेय योद्धा थे। उन्होंने असंख्य यातनाएं सहने के बावजूद धार्मिक परिवर्तन स्वीकार नहीं किया। उनका जीवन सदैव राष्ट्र और धर्म की रक्षा के लिए प्रेरणा स्रोत बना रहेगा। उल्लेखनीय है कि बाबा बंदा सिंह बहादुर का जन्म 27 अक्टूबर 1670 को जम्मू‑कश्मीर के राजौरी (पुंछ) क्षेत्र में हुआ था। उनका नाम लक्ष्मण देव था और बाद में वे संन्यास लेकर ‘माधो दास बैरागी’ कहलाए।
सन् 1708 में नांदेड़ में गुरु गोबिंद सिंह जी से भेंट के बाद उन्हें ‘बंदा सिंह बहादुर’ नाम मिला और खालसा सेना का नेतृत्व सौंपा गया। उन्होंने 1709 में समाना पर विजय प्राप्त की और 1710 में सरहिंद की लड़ाई में मुगल सूबेदार वजीर खान को पराजित किया। पंजाब में किसानों को भूमि का मालिकाना हक देकर उन्होंने जमींदारी प्रथा समाप्त की और पहला सिख राज्य स्थापित किया।
बंदा सिंह बहादुर को 1715 में मुगलों ने पकड़ लिया और 9 जून 1716 को दिल्ली में उन्हें यातनाएं देकर शहीद कर दिया। उनका जीवन साहस, आत्मसम्मान और धर्म की रक्षा का अमर प्रतीक माना जाता है। सरहिंद फतेह दिवस हर साल मई महीने में मनाया जाता है, खासतौर पर 12–14 मई के बीच, क्योंकि 1710 में बाबा बंदा सिंह बहादुर जी ने इसी समय सरहिंद पर विजय प्राप्त कर मुगल सूबेदार वजीर खान को पराजित किया था। यह दिवस उनकी ऐतिहासिक जीत और प्रथम सिख राज्य की स्थापना का प्रतीक है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *