गाजियाबाद में अग्नि सुरक्षा को लेकर सख्ती, पांच बड़े कमर्शियल भवनों के खिलाफ कोर्ट में वाद दायर

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गाजियाबाद{ गहरी खोज }: गर्मियों के मौसम में बढ़ते तापमान के साथ आग लगने की घटनाओं में लगातार इजाफा देखने को मिल रहा है। इसी को ध्यान में रखते हुए कमिश्नरेट गाजियाबाद द्वारा बहुमंजिला इमारतों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष अभियान चलाया जा रहा है।
इस अभियान का उद्देश्य न केवल आग से होने वाली दुर्घटनाओं को रोकना है, बल्कि लोगों को इसके प्रति जागरूक करना भी है। अधिकारियों के अनुसार, शहर के विभिन्न बहुमंजिला भवनों में फायर ऑडिट और मॉक ड्रिल आयोजित की जा रही हैं। इन गतिविधियों के दौरान भवनों में लगी अग्नि सुरक्षा प्रणालियों की कार्यशीलता की जांच की जा रही है। साथ ही वहां मौजूद लोगों को अग्निशमन उपकरणों के उपयोग का प्रशिक्षण दिया जा रहा है और आग लगने की स्थिति में बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में भी विस्तार से बताया जा रहा है।
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि कई भवनों में अग्निशमन सुरक्षा प्रणाली मानकों के अनुरूप कार्यशील स्थिति में नहीं है। ऐसे भवन स्वामियों को नोटिस जारी कर कमियों को दूर करने के निर्देश दिए गए थे। हालांकि, कई मामलों में नोटिस के बावजूद भवन स्वामियों ने सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया। इसी लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए 6 मई को गाजियाबाद प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए पांच प्रमुख कमर्शियल भवनों के मालिकों के खिलाफ जनपद न्यायालय में वाद दाखिल कराया है।
इन भवनों में अंसल सुमंगलम बिल्डिंग (प्लॉट नंबर-16), अंसल सुंदरम बिल्डिंग (प्लॉट नंबर-17), अंसल सुमेधा बिल्डिंग (प्लॉट नंबर-18), अंसल शिवम बिल्डिंग (प्लॉट नंबर-19) और अंसल सत्यम बिल्डिंग (प्लॉट नंबर-20), सभी आरडीसी, राज नगर क्षेत्र में स्थित हैं।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि अन्य भवन स्वामी भी समय रहते अपनी अग्निशमन सुरक्षा प्रणालियों को दुरुस्त कर इसकी जानकारी नहीं देते हैं तो उनके खिलाफ भी न्यायालय में मामला दर्ज कराया जाएगा। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि इस तरह की लापरवाही को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों को कानूनी रूप से दंडित कराया जाएगा। इस अभियान के जरिए प्रशासन यह सुनिश्चित करना चाहता है कि शहर में आग से जुड़ी घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण हो और नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा सके।

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