भारत ‘विकास और नवाचार का वैश्विक केंद्र’, वियतनाम ने द्विपक्षीय संबंधों को दी प्राथमिकता

0
T20260506208508

नई दिल्ली{ गहरी खोज }: वियतनाम के राष्ट्रपति तो लाम ने बुधवार को भारत की तेज़ प्रगति की सराहना करते हुए उसे “दुनिया में विकास और नवाचार का केंद्र” बताया और कहा कि हनोई, नई दिल्ली के साथ अपने द्विपक्षीय संबंधों को उच्च प्राथमिकता देता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ संयुक्त प्रेस वार्ता में तो लाम ने कहा, “मैं बहुत खुश हूं और भारत को तेजी से प्रगति के पथ पर आगे बढ़ने की बधाई देता हूं। भारत दुनिया में ग्रोथ (विकास) और इनोवेशन (नवाचार) का वैश्विक केंद्र बन गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और हमारी बातचीत बेहद सफल रही और 50 वर्षों के राजनयिक संबंधों तथा 10 वर्षों की व्यापक रणनीतिक साझेदारी के परिणामों को आगे बढ़ाने पर सहमति बनी।”
उन्होंने आगे कहा, “हमने इस क्षेत्र और दुनिया को लेकर अपनी सोच से भी एक दूसरे को रूबरू कराया। इस आधार पर हमने माना कि भारत और वियतनाम के रिश्ते दोनों देशों के लिए बहुत जरूरी है।” उन्होंने कहा कि दोनों देशों ने रक्षा और सुरक्षा सहयोग को “रणनीतिक स्तंभ” बनाने पर सहमति जताई है, जिससे क्षेत्र में शांति और स्थिरता को मजबूती मिलेगी।
वियतनामी राष्ट्रपति ने बताया कि विज्ञान, प्रौद्योगिकी, नवाचार और डिजिटल परिवर्तन को सहयोग का नया इंजन बनाया जाएगा। साथ ही व्यापार, निवेश और आपूर्ति श्रृंखला कनेक्टिविटी को बढ़ावा देकर आर्थिक संबंधों को नई गति दी जाएगी। साथ ही दावा किया कि भारत का हर वैश्विक मंच पर पर पूर्ण सहयोग करेंगे।
तो लाम ने कहा कि दोनों देश क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर मिलकर काम करेंगे और अंतरराष्ट्रीय कानून, विशेष रूप से यूएनसीएलओएस 1982 के आधार पर शांति, सुरक्षा और नौवहन की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
उन्होंने भारत की वैश्विक भूमिका के विस्तार का समर्थन करते हुए कहा कि दोनों देश साझा चुनौतियों से निपटने के लिए सहयोग और मजबूत करेंगे। लाम ने अपने और वियतनामी प्रतिनिधिमंडल के भव्य स्वागत के लिए भारत और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *