केरल के त्रिशूर में पटाखा फैक्ट्री में जोरदार धमाका, 13 लोगों की मौत, PM मोदी ने जताया दुख
त्रिशूर{ गहरी खोज }: केरल के त्रिशूर जिले में मंगलवार को एक दर्दनाक हादसा हो गया। यहां मुंडाथिकोड इलाके में पटाखा बनाने वाली यूनिट में जोरदार धमाका हुआ, जिसमें कम से कम 13 लोगों की मौत हो गई, 5 की हालत गंभीर बनी हुई और भी कई लोग घायल हो गए। बताया जा रहा है कि जिस शेड में यह धमाका हुआ, वहां करीब 40 लोग मौजूद थे। इनमें से कई लोग बुरी तरह झुलस गए हैं और कुछ की हालत गंभीर बनी हुई है। हादसा उस समय हुआ जब आने वाले मशहूर त्योहार त्रिशूर पूरम की तैयारी के लिए पटाखे बनाए जा रहे थे।
घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोग तुरंत मदद के लिए पहुंचे और घायलों को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया। तस्वीरों में भी लोग खुद रेस्क्यू करते नजर आए। केरल स्टेट डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी के मुताबिक, अब तक 13 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। पांच शव पूरे मिले, जबकि तीन लोगों के शरीर के हिस्से मलबे से बरामद किए गए। पांच की हालत गंभीर है।इस दुखद हादसे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुख जताया है। इस हादसे में लोगों की मौत की खबर सुनकर उन्हें बेहद दुख हुआ है। उन्होंने जिन परिवारों ने अपने प्रियजनों को खोया है, उनके प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। प्रधानमंत्री ने यह भी कामना की कि जो लोग इस हादसे में घायल हुए हैं, वे जल्द से जल्द ठीक हो जाएं। केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने तुरंत अधिकारियों को निर्देश दिए कि घायलों को हर जरूरी इलाज मुहैया कराया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि जरूरत पड़ने पर दूसरे राज्यों के विशेषज्ञ डॉक्टरों की मदद ली जाए।स्वास्थ्य मंत्री वीणा जॉर्ज ने भी अस्पतालों को अलर्ट पर रखा है और खास इलाज की व्यवस्था करने को कहा है। साथ ही 108 एम्बुलेंस समेत अतिरिक्त एम्बुलेंस तैनात करने के निर्देश दिए गए हैं।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, धमाका दोपहर करीब 3:30 बजे हुआ और उसके बाद भी बीच-बीच में छोटे धमाके होते रहे, जिससे बचाव कार्य में दिक्कत आई। बताया जा रहा है कि यह यूनिट खेतों के बीच बने अस्थायी शेड में चल रही थी।
फायर ब्रिगेड, पुलिस और राहत टीम लगातार मौके पर काम कर रही हैं, लेकिन लगातार हो रहे धमाकों के कारण हालात काफी चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं। धमाके की आवाज कई किलोमीटर दूर तक सुनी गई और आसपास के घरों को भी नुकसान पहुंचा है। हादसे के कारणों का अभी साफ पता नहीं चल पाया है, लेकिन शुरुआती अंदाजा है कि तेज गर्मी इसकी एक वजह हो सकती है। जिला प्रशासन ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं। कलेक्टर ने मजिस्ट्रियल जांच बैठाई है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि आखिर इतनी बड़ी लापरवाही कैसे हुई।
