जर्मन वायुसेना के विशेष विमान से बर्लिन पहुंचे राजनाथ सिंह, लड़ाकू विमानों ने किया एस्कॉर्ट

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नई दिल्ली / बर्लिन{ गहरी खोज }: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह मंगलवार को बर्लिन पहुंचे, जहां वह जर्मनी की तीन दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर हैं। यहां राजनाथ सिंह के आगमन को महत्व दिया गया। राजनाथ सिंह जर्मन वायुसेना के विशेष विमान द्वारा म्यूनिख से बर्लिन पहुंचे। इस दौरान उनके विशेष विमान को लड़ाकू विमानों द्वारा एस्कॉर्ट किया गया। जर्मन लड़ाकू विमानों द्वारा एस्कॉर्ट दिया जाना इस यात्रा के सामरिक महत्व को दर्शाता है। बर्लिन पहुंचने पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को औपचारिक सैन्य सम्मान प्रदान किया गया।
बर्लिन पहुंचने के बाद रक्षा मंत्री ने कहा कि वह जर्मनी के अपने समकक्ष के साथ सार्थक बातचीत और जर्मन रक्षा उद्योग के प्रमुख प्रतिनिधियों के साथ संवाद को लेकर उत्साहित हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य ‘मेक इन इंडिया’ पहल के तहत संयुक्त विकास और सह-उत्पादन को बढ़ावा देना है, ताकि भारत की रक्षा क्षमताओं को और मजबूत किया जा सके।
राजनाथ सिंह पहले म्यूनिख पहुंचे थे, जहां से उनकी आधिकारिक यात्रा की शुरुआत हुई। यह यात्रा 21 से 23 अप्रैल तक चलेगी और इसमें कई उच्च स्तरीय बैठकों का कार्यक्रम तय किया गया है। इस दौरान रक्षा मंत्री जर्मनी के रक्षा मंत्री के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। इन वार्ताओं में भारत-जर्मनी रक्षा सहयोग को और मजबूती देने, तकनीकी साझेदारी बढ़ाने और रक्षा निर्माण के क्षेत्र में नई संभावनाओं पर चर्चा होने की उम्मीद है।
रक्षा मंत्री जर्मनी में अन्य वरिष्ठ नेताओं से भी मुलाकात करेंगे। विशेषज्ञों के अनुसार, यह यात्रा ऐसे समय हो रही है जब वैश्विक सुरक्षा परिदृश्य तेजी से बदल रहा है। भारत अपने रक्षा साझेदारों के साथ संबंधों को मजबूत करने की दिशा में सक्रिय है। जर्मनी के साथ बढ़ता सहयोग भारत के लिए उन्नत तकनीक, रक्षा उत्पादन और आत्मनिर्भरता के लक्ष्यों को हासिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
जर्मनी में दोनों रक्षामंत्रियों के बीच होने वाली इस वार्ता का मुख्य उद्देश्य रक्षा उद्योग में सहयोग बढ़ाना व सैन्य संबंधों को मजबूत करना है। इसके अलावा साइबर सुरक्षा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और ड्रोन जैसे उभरते क्षेत्रों में अवसरों की खोज पर भी फोकस किया जाएगा। दोनों रक्षा मंत्रियों की उपस्थिति में रक्षा औद्योगिक सहयोग रोडमैप और संयुक्त राष्ट्र शांतिरक्षा अभियानों के प्रशिक्षण में सहयोग हेतु कार्यान्वयन समझौते पर हस्ताक्षर होने की भी संभावना है। यहां रक्षामंत्री राजनाथ सिंह के जर्मनी के रक्षा उद्योग के प्रमुख प्रतिनिधियों से भी बातचीत करेंगे। इससे मेक-इन-इंडिया पहल के अंतर्गत संयुक्त विकास और सह-उत्पादन को बढ़ावा दिया जा सकेगा। बता दें कि मंगलवार से प्रारंभ हुई रक्षा मंत्री की यह यात्रा सात साल के अंतराल के बाद हो रही है। वहीं जर्मनी के रक्षामंत्री बोरिस पिस्टोरियस ने जून 2023 में भारत की यात्रा की और साथ ही राजनाथ सिंह के साथ व्यापक वार्ता की थी।

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