स्पेशल सेल ने चार कट्टरपंथी युवकों को किया गिरफ्तार, आईईडी बनाने की साजिश का खुलासा

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नई दिल्ली{ गहरी खोज }: दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने देश के तीन राज्यों से चार कट्टरपंथी युवकों को गिरफ्तार किया है। ये सभी आरोपित कथित तौर पर ‘गजवा-ए-हिंद’ की विचारधारा से प्रभावित होकर आतंकी गतिविधियों की तैयारी में जुटे थे। पुलिस के मुताबिक, आरोपिताें के पास से आईईडी बनाने से जुड़ा सामान भी बरामद किया गया है।
स्पेशल सेल के पुलिस उपायुक्त प्रवीण कुमार ने शनिवार को बताया कि स्पेशल सेल की एनडीआर टीम ने यह ऑपरेशन खुफिया जानकारी के आधार पर चलाया। इंस्पेक्टर विनय पाल और मनोज कुमार की टीम ने महाराष्ट्र, ओडिशा और बिहार में छापेमारी कर चारों आरोपितों को पकड़ा। इस मामले में स्पेशल सेल थाने में भारतीय न्याय संहिता, 2023 की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है।
पुलिस उपायुक्त के अनुसार गिरफ्तार आरोपितों की पहचान थाणे निवासी मोसैब अहमद उर्फ सोनू उर्फ कलाम, मुंबई निवासी मोहम्मद हम्माद, भुवनेश्वर निवासी शेख इमरान और बिहार के कटिहार निवासी मोहम्मद सोहेल के रूप में हुई है। पुलिस जांच में सामने आया है कि ये सभी सोशल मीडिया के एन्क्रिप्टेड प्लेटफॉर्म पर बने क्लोज्ड ग्रुप्स के जरिए जुड़े हुए थे, जहां ‘खिलाफत’ और ‘जिहाद’ जैसे विषयों पर चर्चा होती थी।
पुलिस के अनुसार, मॉड्यूल के दो सदस्य लोकल स्तर पर सामान जुटाकर रिमोट कंट्रोल आईईडी तैयार करने की कोशिश कर रहे थे। इस साजिश में खिलौना कार के सर्किट, बॉल बेयरिंग, कील और अन्य सामग्री का इस्तेमाल किया जाना था। हम्माद ने ये सामान जुटाया और मोसैब को दिया, जो पेशे से मैकेनिक होने के कारण आईईडी असेंबल करने में मदद कर रहा था।
वहीं, मोहम्मद सोहेल सोशल मीडिया के जरिए युवाओं को भड़काने और जिहाद के नाम पर फंड इकट्ठा करने में जुटा था। उसने अपने बैंक अकाउंट और क्यूआर कोड भी शेयर किए थे। दूसरी ओर, शेख इमरान ने मॉड्यूल के सदस्यों को हथियारों की ट्रेनिंग और फिजिकल ट्रेनिंग देने का वादा किया था और इसके लिए पैसे भी मांगे थे।
जांच में यह भी सामने आया है कि शेख इमरान दिसंबर 2025 में दिल्ली आया था और उसने लाल किला और इंडिया गेट जैसे संवेदनशील स्थानों की रेकी की थी। इतना ही नहीं, उसने सोशल मीडिया पर लाल किले की तस्वीर के साथ काले झंडे की एडिटेड फोटो पोस्ट कर अन्य लोगों को भड़काने की कोशिश भी की।
पुलिस के मुताबिक, आरोपित ‘खुरासान से काले झंडे के साथ सेना आने’ और भारतीय उपमहाद्वीप में खिलाफत स्थापित करने जैसी विचारधारा से प्रभावित थे। वे न सिर्फ खुद इसमें शामिल होना चाहते थे, बल्कि अन्य युवाओं को भी इसके लिए प्रेरित कर रहे थे। पुलिस अधिकारी के अनुसार आरोपितों के मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल उपकरण जब्त कर लिए गए हैं और उनसे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां इस मॉड्यूल के अन्य लिंक और संभावित साजिशों का भी पता लगा रही हैं।

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