ममता राज में पश्चिम बंगाल में लोकतांत्रिक ढांचा कमजोर हुआ, बदलाव जरूरी : शमीक भट्टाचार्य

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कोलकाता{ गहरी खोज }: पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद शमीक भट्टाचार्य ने शनिवार को कोलकाता प्रेस क्लब में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में राज्य की राजनीतिक, आर्थिक और सामाजिक स्थिति पर तृणमूल कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में लोकतांत्रिक संस्थाएं कमजोर हुई हैं और जनता अब परिवर्तन चाहती है।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2011 में लोकतंत्र की पुनर्स्थापना के वादे के साथ सत्ता परिवर्तन हुआ था, लेकिन पिछले 15 वर्षों में स्थिति और भयानक हो गई। उनके अनुसार, वर्तमान समय में प्रशासन और सत्तारूढ़ दल के बीच अंतर लगभग समाप्त हो गया है तथा संवैधानिक संस्थाओं के प्रति सम्मान घटा है।
आर्थिक मुद्दों पर बोलते हुए प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि राज्य पर कर्ज का बोझ लगातार बढ़ा है, जबकि पूंजीगत व्यय घट रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि उद्योगों के लिए अनुकूल वातावरण नहीं बनने से नए रोजगार सृजित नहीं हुए। सिंगूर और नंदीग्राम जैसी घटनाओं से उद्योग जगत में नकारात्मक संदेश गया।
उन्होंने दावा किया कि पिछले 15 वर्षों में लगभग 79 हजार कारखाने बंद हुए हैं और एक हजार से अधिक कंपनियां बंद की स्थिति में हैं। साथ ही कई कंपनियों ने अपने मुख्यालय अन्य राज्यों में स्थानांतरित कर दिए, जिससे प्रतिभा, पूंजी और श्रम का पलायन बढ़ा है। कृषि क्षेत्र की स्थिति पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि उत्पादन घट रहा है और किसान गंभीर संकट का सामना कर रहे हैं। विशेष रूप से आलू उत्पादकों की स्थिति को उन्होंने अत्यंत खराब बताया।उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में अपार संभावनाएं हैं, लेकिन सही नीति और इच्छाशक्ति के अभाव में राज्य पिछड़ रहा है। भौगोलिक स्थिति, प्राकृतिक संसाधन और मानव संसाधन होने के बावजूद उनका समुचित उपयोग नहीं हो रहा। सुरक्षा और सामाजिक स्थिति पर उन्होंने जनसंख्या संरचना में बदलाव और कट्टरता बढ़ने को गंभीर चुनौती बताया। साथ ही राज्य में कानून व्यवस्था की स्थिति बिगड़ने का आरोप लगाया। आगामी विधानसभा चुनाव पर शमीक भट्टाचार्य ने कहा कि यह चुनाव भाजपा बनाम तृणमूल कांग्रेस नहीं, बल्कि जनता बनाम तृणमूल कांग्रेस की लड़ाई होगा। उन्होंने दावा किया कि जनता का असंतोष चुनाव परिणामों में दिखाई देगा। महिला आरक्षण विधेयक पर उन्होंने कहा कि भाजपा महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है और विभिन्न योजनाओं के माध्यम से उनके विकास के लिए कार्य कर रही है। मतदाता सूची शुद्धिकरण प्रक्रिया पर उन्होंने कहा कि यह आवश्यक है, लेकिन पश्चिम बंगाल में इसे सही ढंग से लागू नहीं किया गया। मुख्यमंत्री पद के चेहरे के सवाल पर उन्होंने कहा कि भाजपा व्यक्ति नहीं, बल्कि नीति और आदर्श के आधार पर चुनाव लड़ती है और जनता ही पार्टी का चेहरा है। उन्होंने कहा कि पार्टी का लक्ष्य भ्रष्टाचारमुक्त, भयमुक्त और विकासोन्मुख पश्चिम बंगाल का निर्माण करना है। अंत में उन्होंने राज्य की जनता से लोकतंत्र की रक्षा और भविष्य की पीढ़ियों के हित में परिवर्तन के पक्ष में मतदान करने की अपील की।

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