विप्रो का चौथी तिमाही का मुनाफा 1.89% घटकर 3,502 करोड़ रुपए पर

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नई दिल्ली{ गहरी खोज } : सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) कंपनी विप्रो का बीते वित्त वर्ष की चौथी (जनवरी-मार्च) तिमाही में एकीकृत शुद्ध लाभ 1.89 प्रतिशत की गिरावट के साथ 3,501.8 करोड़ रुपए रहा है। वित्त वर्ष 2024-25 की चौथी तिमाही में कंपनी का मुनाफा 3,569.6 करोड़ रुपए था। विप्रो ने बृहस्पतिवार को शेयर बाजार को दी सूचना में बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही में उसकी आमदनी 7.6 प्रतिशत बढ़कर 24,236.3 करोड़ रुपए हो गई।
अक्टूबर-दिसंबर तिमाही की तुलना में मुनाफे और राजस्व में क्रमशः 12.2 प्रतिशत और 2.8 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। पूरे वित्त वर्ष 2025-26 में विप्रो का शुद्ध लाभ 13,197.4 करोड़ रुपये रहा जो 2024-25 तुलना में मामूली 0.47 प्रतिशत अधिक है। वहीं वित्त वर्ष 2025-26 का राजस्व 3.96 प्रतिशत बढ़कर 92,624 करोड़ रुपए रहा।
विप्रो के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) एवं प्रबंध निदेशक श्रीनि पलिया ने कहा, ”एआई में प्रगति ग्राहकों की प्राथमिकताओं को बदल रही है और हमारे लिए साझेदारी कर मूल्य-आधारित परिणाम देने के नए अवसर उत्पन्न कर रही है। एआई-प्रथम दुनिया में अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए हम एआई ‘नेटिव बिजनेस एंड प्लेटफॉर्म्स यूनिट’ के जरिये ‘सर्विसेज-एज-ए-सॉफ्टवेयर’ मॉडल की ओर बढ़ रहे हैं। ओलम ग्रुप के साथ हमारा रणनीतिक समझौता भी बड़े स्तर पर अवसरों को भुनाने के लिए किए जा रहे निर्णायक निवेश को दर्शाता है।”
इस बीच, विप्रो के निदेशक मंडल ने 15,000 करोड़ रुपए की शेयर पुनर्खरीद योजना को मंजूरी दी है। यह कंपनी की कुल चुकता पूंजी का 5.7 प्रतिशत है। बीएसई पर बृहस्पतिवार को विप्रो का शेयर 0.19 प्रतिशत की बढ़त के साथ 210.20 रुपए पर बंद हुआ। वित्तीय नतीजों की घोषणा बाजार बंद होने के बाद की गई।

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