गंगा स्नान कर चारधाम परिक्रमा पर निकली 1221 वीं छड़ी यात्रा
हरिद्वार{ गहरी खोज }: देवभूमि उत्तराखंड में चारधाम की ऐतिहासिक 1221 वीं छड़ी यात्रा का शुभारंभ सोमवार को पवित्र हर की पैड़ी स्थित ब्रह्मकुंड में गंगा स्नान के साथ विधिवत रूप से हुआ। यह यात्रा 7 जून तक चरणबद्ध तरीके से संचालित होगी और यमुनोत्री धाम, गंगोत्री धाम, केदारनाथ धाम और बद्रीनाथ धाम सहित चारों धामों की परिक्रमा करेगी।
श्री शंभू पंचदशनाम अखाड़ा के श्रीमहंत गोपाल गिरि महाराज ने संत-महात्माओं के साथ छड़ी का पूजन और स्नान कराया। छड़ी यात्रा का संचालन षड्दर्शन साधु समाज और अखिल भारतीय सनातन धर्म रक्षा समिति द्वारा किया जा रहा है। गंगा स्नान के बाद यात्रा ऋषिकेश के लिए रवाना हुई, जहां त्रिवेणी संगम में स्नान और धार्मिक अनुष्ठान संपन्न होंगे।
ऋषिकेश प्रवास के दौरान 14 अप्रैल को छड़ी यात्रा त्रिवेणी संगम में स्नान कर गौरी शंकर मंदिर में दर्शन के लिए रखी जाएगी। इस दौरान अक्षय तृतीया, आदि गुरु शंकराचार्य जयंती और जगद्गुरु रामानुजाचार्य जयंती के अवसर पर विशेष धार्मिक कार्यक्रम आयोजित होंगे, जिनमें संत समाज भाग लेगा।
यात्रा आगे जानकी चट्टी के रास्ते यमुनोत्री धाम पहुंचेगी, जहां पूजा-अर्चना के बाद वापसी होगी। इसके बाद उत्तरकाशी, विश्वनाथ मंदिर और शिवानंद आश्रम में दर्शन करते हुए गंगोत्री धाम में पूजन किया जाएगा। गोमुख और भोजवासा में रात्रि विश्राम भी निर्धारित है।
इसके पश्चात यात्रा सोनप्रयाग, त्रियुगीनारायण और गौरीकुंड होते हुए केदारनाथ धाम पहुंचेगी, जहां बाबा केदारनाथ के दर्शन, आदि गुरु शंकराचार्य की समाधि पूजन और भैरवनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना होगी। अंतिम चरण में यात्रा जोशीमठ, नृसिंह मंदिर और टोटकाचार्य गुफा होते हुए बद्रीनाथ धाम पहुंचेगी, जहां भगवान बद्रीनाथ के दर्शन के साथ व्यास गुफा और सरस्वती धारा के दर्शन किए जाएंगे।
