निवेश के नाम पर 45.90 लाख की ठगी का खुलासा, केरल से आरोपित गिरफ्तार
नई दिल्ली{ गहरी खोज }: निवेश के नाम पर 45.90 लाख रुपये की साइबर ठगी के मामले में दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए मुख्य आरोपित को केरल से गिरफ्तार किया है। आरोपित को केरल के कोंडोट्टी इलाके से दबोचा गया। गिरफ्तार आरोपित की पहचान कलंगोट्टिल, वलियापरंबा जिला मलप्पुरम (केरल) निवासी जमशीद के (33) के रूप में हुई है।
पुलिस के अनुसार आरोपी के बैंक खाते में ठगी की रकम का करीब 10 लाख रुपये ट्रेस हुआ, जिसे बाद में अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर दिया गया। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपित अंतरराज्यीय साइबर ठगी गिरोह से जुड़ा हुआ है और उसका मुख्य मकसद लोगों को ऑनलाइन निवेश का झांसा देकर मोटी रकम ठगना था। आरोपित और उसके साथियों द्वारा बैंक खातों को किराए पर देकर ठगी की रकम को एक जगह से दूसरी जगह ट्रांसफर किया जाता था, ताकि जांच एजेंसियों को गुमराह किया जा सके।
क्राइम ब्रांच के पुलिस उपायुक्त हर्ष इंदौरा ने सोमवार को बताया कि यह मामला एक ऑनलाइन इन्वेस्टमेंट फ्रॉड से जुड़ा है, जिसमें शिकायतकर्ता संदीप कुमार को फेसबुक के माध्यम से एक ट्रेडिंग कंपनी का लिंक भेजा गया था। इसके बाद उसे एक व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़कर “इंडियन निवेश” नामक एप डाउनलोड कराया गया। आरोपितों ने उसे शेयर बाजार में निवेश कर भारी मुनाफे का लालच दिया, जिसके झांसे में आकर उसने अलग-अलग 8 बैंक खातों में कुल 45.90 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। कुछ समय बाद एप में करीब 7 करोड़ रुपये का फर्जी मुनाफा दिखाया गया, लेकिन जब उसने पैसे निकालने की कोशिश की तो उससे और रकम जमा करने को कहा गया। मना करने पर उसका अकाउंट ब्लॉक कर दिया गया और आरोपी फरार हो गए।
मामले में एफआईआर संख्या 43/25 धारा 318(4) बीएनएस के तहत क्राइम ब्रांच थाने में दर्ज की गई। इसके बाद जांच क्राइम ब्रांच की डब्ल्यूआर-2 टीम को सौंपी गई। जांच के दौरान बैंक खातों का विश्लेषण करने पर पता चला कि ठगी की रकम का बड़ा हिस्सा केरल के एक एक्सिस बैंक खाते में गया है, जो जेएफएस ट्रेडर्स के नाम पर था।
समन्वय पोर्टल की जांच में इस खाते से जुड़ी 21 से अधिक साइबर ठगी की शिकायतें भी सामने आईं। इसके बाद इंस्पेक्टर अक्षय के नेतृत्व में टीम गठित कर केरल भेजा गया। तकनीकी और मैन्युअल सर्विलांस के आधार पर पांच अप्रैल 2026 को आरोपित को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस का कहना है कि आरोपित की गिरफ्तारी से अंतरराज्यीय साइबर ठगी नेटवर्क के बड़े खुलासे की उम्मीद है और अन्य आरोपितों की तलाश जारी है।
