बादाम छीलकर खाना चाहिए या बिना छीले? जानें किस तरह खाने से मिलता है ज्यादा फायदा

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लाइफस्टाइल डेस्क { गहरी खोज }:जब भी बात सूखे मेवों की होती है उसमें बादाम का नाम सबसे ऊपर होता है। क्योंकि बादाम सेहत के लिए रामबाण माना जाता है। ऐसा कहा जाता है कि अगर आप सेहतमंद रहना चाहते हैं तो अपनी डाइट में बादाम को जरूर शामिल करें। बादाम का सेवन लोग अलग अलग तरह से करते हैं। कुछ लोग इसे छिलके के साथ खाना पसंद करते हैं और कुछ लोग इसे भिगोकर छिलके हटाकर खाते हैं। लेकिन एक सवाल जो लाखों लोगों के मन में रहता है वो है बादाम को छीलकर खाना चाहिए या बिना छीले? अगर आप भी इस सवाल का जवाब ढूंढ रहे हैं तो ये आर्टिकल आपके लिए है। यहां हम आपको बताने जा रहे हैं कि बादाम का सेवन किस तरह करना चाहिए जिससे ज्यादा से ज्यादा फायदे मिल सके।

बादाम छीलकर खाएं या बिना छीले

न्यूट्रिशनिस्ट की मानें तो बादाम छिलके के बिना सुपरफूड की तरह काम नहीं करता है। बादाम को छिलके के बिना खाने से 70 प्रतिशत पॉलीफेनॉल्स नहीं मिलता। छिलका हटाने से स्किन प्रोटेक्टिंग और ब्रेन प्रोटेक्टिंग गुण नहीं मिल पाते। आपको बता दें कि बादाम के छिलके में विटामिन ई, पॉलीफेनोल्स और डाइटरी फाइबर होता है। बादाम को छिलके समेत या बिना छिलके के दोनों तरह से ही खाया जा सकता है। लेकिन उन्हें भिगोने और छीलने से उनकी पाचन शक्ति और पोषक तत्वों का अवशोषण बेहतर होता है। बिना छिलके वाले बादाम में फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट होते हैं, जबकि कुछ लोगों को छिलके वाले बादाम आसानी से पचाने में मदद मिल सकती है। कुछ हेल्थ एक्सपर्ट्स का कहना है कि बादाम को भिगोकर खाना ज्यादा फायदेमंद होता है।

बादाम को छीलकर क्यों खाना चाहिए?

  1. पाचन में आसानी
    बादाम के छिलके में टैनिन नाम का एक तत्व होता है। यह एक एंजाइम अवरोधक की तरह काम करता है, जो बादाम को पचाना थोड़ा मुश्किल बना देता है। जब आप बादाम भिगोकर उसका छिलका हटाकर खाते हैं, तो वह नरम हो जाता है और पचाने में आसानी होती है।
  2. पोषक तत्वों का बेहतर अवशोषण
    छिलके में मौजूद टैनिन शरीर को बादाम के पोषक तत्वों जैसे मैग्नीशियम और विटामिन E को पूरी तरह सोखने से रोकता है। छिलका हटा देने से आपका शरीर बादाम के गुणों का 100% लाभ उठा पाता है।
  3. फाइटिक एसिड की कमी
    बादाम के छिलके में फाइटिक एसिड भी होता है, जो कैल्शियम, जिंक और आयरन जैसे मिनरल्स के अवशोषण को रोकता है। भिगोने और छीलने से इस एसिड की मात्रा कम हो जाती है।

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