वृंदावन नाव हादसा : युवती सहित दो शव और बरामद, मृतकाें की संख्या 13 हुई, तीन की खाेज जारी

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मथुरा{ गहरी खोज }: पंजाब के श्रद्धालुओं की वृंदावन में यमुना नदी में पलटी माेटरबाेट के दाे और लाेगाें के शव बचाव दल ने बरामद कर लिएहैं। इस हादसे में मरने वालाें की संख्या 13 हाे गई है। अभी तीन और लाेगाें की तलाश जारी है। पंजाब के श्रद्धालुओं की मोटरबोट यमुना नदी में पटलने के बाद डूबे लाेगाें की तलाश में बचाव दल ने रविवार की सुबह फिर खाेजबीन शुरू की।आज सुबह महिला सहित दो श्रद्धालुओं के शव बरामद हुए हैं। इस संबंध में एसपी ग्रामीण सुरेश चंद्र रावत ने बताया कि सुबह पहले यमुना नदी से एक युवक का शव बरामद हुआ है। उसकी पहचान लुधियाना के जगराओं निवासी ऋषभ शर्मा के रूप में हुई है। उसका शव अक्रूर घाट के पास मिला है। इसके बाद बचाव दल ने एक महिला का भी शव देवरहा बाबा घाट के पास बरामद किया। महिला की पहचान लुधियाना के ही अर्बन एस्टेट डूगरी निवासी 21 वर्षीय डिंकी बंसल के रूप में हुई है। हादसे में डिंकी बंसल की मां मीनू बंसल की भी माैत हो चुकी है। उनका शव शुक्रवार को ही निकाल लिया गया था। उन्हाेंने बताया कि अभी पंकज मल्होत्रा, यश भल्ला और मोनिका लापता हैं। उनकी तलाश में सर्च ऑपरेशन जारी है।
जिला प्रशासन के अनुसार शव नदीं में फूलकर ऊपर आ गए थे, जिन्हें रस्सियों की मदद से नाव में खींचकर बाहर निकाला गया है। परिजनों ने मौके पर पहुंचकर उनकी पहचान की है। मृतक डिंकी बीए फाइनल ईयर की छात्रा थी। वहीं ऋषभ शर्मा 12वीं पास था और अपने पिता के काम में हाथ बंटाता था। शनिवार को मानिक टंडन का शव देवरहा बाबा घाट के पास मिला था। इसके साथ अब मृतकों की संख्या बढ़कर 13 हो गई है।
डीएम सीपी सिंह ने बताया कि एडीएम पंकज वर्मा की जांच रिपोर्ट के आधार पर हादसे के सभी दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी। कोई बचेगा नहीं। अभी पुलिस ने चालक और ठेकेदार को प्रारंभिक आधार पर दोषी मानकर जेल भेज दिया है।
दरअसल शुक्रवार को यमुना में पैंटून पुल के पीपा से टकराने के बाद पंजाब के श्रद्धालुओं की एक माेटरबाेट बीच यमुना नदी में पलट गई थी। उसी दिन चले बचाव अभियान दल ने दस शवाें काे बरामद कर लिया था। इसके बाद शनिवार शाम तक एक और शव मिला था। तीन लाेगाें की तलाश में बचाव अभियान चलाया जा रहा है।
पंजाब से अपनों की तलाश में परिजन वृंदावन पहुंच चुके हैं। प्रशासन और स्थानीय पुलिस के साथ-साथ एनडीआरएफ व एसडीआरएफ की टीमें भी लापता श्रद्धालुओं की तलाश में जुटी हुई हैं। यमुना के तेज बहाव और गहरे घाटों के कारण बचाव कार्य में काफी मुश्किलें आ रही हैं। बचाव टीमाें ने केसी घाट से लेकर गोकुल बैराज तक यमुना नदी को सात सेक्टरों में बांटा गया है। 20 किलोमीटर के दायरे में यमुना में अब डूबे हुए लोगों की तलाश की जा रही है। डीआईजी आगरा रेंज के आदेश पर यमुना के साताें सेक्टरों में थानेदार नजर बनाए हुए है। स्थानीय गोताखोर, नाविक, पीएसी के गोताखोर, एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमें भी शामिल है।

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