‘ईरान के साथ शर्तों पर नहीं हो सकता फैसला, ये सीख ले अमेरिका’, पूर्व ईरानी विदेश मंत्री जरीफ

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तेहरान{ गहरी खोज }: ईरान और अमेरिका के बीच घंटों चली बातचीत का कोई नतीजा नहीं निकलने के बाद प्रतिक्रियाएं सामने आ रही है। दोनों पक्षों के बीच दो हफ्ते के सीजफायर पर मुहर लगी थी, जिसके बाद पाकिस्तान में यह बैठक हुई। वहीं ईरान के पूर्व विदेश मंत्री मोहम्मद जवाद जरीफ ने कहा कि कोई भी बातचीत शर्तों के आधार पर सफल नहीं हो सकती है। ईरान के पूर्व विदेश मंत्री मोहम्मद जवाद जरीफ ने पूछा: “जानना चाहते हैं कि बातचीत सफल क्यों नहीं हुई?” ईरानी नेता ने अमेरिका उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के उस कथन को दोहराया, जिसमें उन्होंने कहा था, “उन्होंने (ईरान ने) हमारी शर्तें न मानने का फैसला किया है।”
जरीफ ने लिखा, “कोई भी बातचीत कम से कम ईरान के साथ ‘हमारी/आपकी शर्तों’ के आधार पर सफल नहीं होगी। अमेरिका को सीखना चाहिए: आप ईरान पर शर्तें थोप नहीं सकते। सीखने में अभी भी देर नहीं हुई है।” सरकारी न्यूज एजेंसी एसएनएन के अनुसार, ईरानी अधिकारियों ने कथित “जासूसी” के मामले में कम से कम 50 लोगों को गिरफ्तार किया है। इस समूह पर सर्विस सुविधाओं और इंफ्रास्ट्रक्चर समेत सेंसिटिव जगहों को शेयर करके अमेरिका और इजरायल के साथ मिलकर काम करने का आरोप था। एसएनएन ने कहा कि अधिकारियों ने इलेक्ट्रॉनिक्स, सैटेलाइट इक्विपमेंट और हथियार भी जब्त किए हैं। ईरान ने हाल के झगड़े के बीच जासूसी के आरोप में दर्जनों लोगों को गिरफ्तार किया है। पिछले साल अमेरिका और इजरायल के साथ 12 दिन की लड़ाई के बाद भी कई गिरफ्तारियां हुई थीं। हाल ही में एक बेहतर जासूसी कानून के तहत जासूसी के आरोपी लोगों को मौत की सजा और प्रॉपर्टी जब्त करने का प्रावधान है।
ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगाई से पूछा गया कि क्या डिप्लोमेसी खत्म हो गई है, तो उन्होंने जवाब दिया, “डिप्लोमेसी कभी खत्म नहीं होती।” बगाई ने ईरानी मीडिया से कहा, “डिप्लोमैटिक सिस्टम देश के हितों को सुरक्षित रखने, उनकी रक्षा करने और उन्हें बचाने का एक टूल है। ईरान, पाकिस्तान और दोस्त और पड़ोसी देशों के बीच बातचीत जारी रहेगी।”

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