गोविंदपुरी में फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़, 11 शातिर गिरफ्तार

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नई दिल्ली{ गहरी खोज }: दक्षिण जिला पुलिस ने “ऑपरेशन साइहाॅक 4.0” के तहत साकेत थाना क्षेत्र में चल रहे एक फर्जी कॉल सेंटर का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में दो किंगपिन समेत 11 आरोपितों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक महिला पार्टनर और 20 महिला कर्मचारियों को जांच में शामिल होने के लिए नोटिस दिया गया है।
दक्षिण जिले के पुलिस उपायुक्त अनंत मित्तल ने शुक्रवार को बताया कि , एनसीआरपी पोर्टल पर गुरुग्राम निवासी एक व्यक्ति से 13,200 रुपये की साइबर ठगी की शिकायत मिली थी। जांच के दौरान सामने आया कि ठगी की रकम एक म्यूल बैंक खाते में जमा हो रही है। खाते के धारक पवन कुमार को पकड़कर पूछताछ की गई, जिसमें उसने बताया कि वह कमीशन के बदले अपना बैंक खाता और एटीएम अपने नियोक्ता को देता था। इससे पुलिस टीम फर्जी कंपनी “हर्बिटेक्चर हेल्थकेयर” तक पहुंची।
इसके बाद साकेत थाना पुलिस ने गोविंदपुरी स्थित कार्यालय पर छापा मारा, जहां एक पूरा कॉल सेंटर संचालित होता मिला। मौके पर 21 महिला और 10 पुरुष कर्मचारी कॉलिंग का काम करते हुए पाए गए। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कुल 11 आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार किंगपिन में संदीप चौधरी (27) और अश्विनी कुमार उर्फ तुषार (23) शामिल हैं। जिन्होंने इस फर्जी नेटवर्क की शुरुआत की थी। इनके अलावा नीरज गुप्ता समेत अन्य आरोपित भी ठगी के काम में सक्रिय थे।
पुलिस ने मौके से 35 मोबाइल फोन, तीन लैपटॉप, एक डेस्कटॉप, 15 नए सिम कार्ड, 35 रिटर्न पार्सल (दवाइयां), बैंक दस्तावेज, चेक बुक और अन्य आपत्तिजनक सामग्री बरामद की है। जांच में खुलासा हुआ कि आरोपित इंस्टाग्राम और फेसबुक जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वजन घटाने वाले उत्पादों का विज्ञापन देकर लोगों को फंसाते थे। पहले ग्राहकों को सामान भेजकर भरोसा जीतते और फिर अतिरिक्त भुगतान के लिए दबाव बनाते थे। बाद में या तो सामान नहीं भेजा जाता था या बहाने बनाकर संपर्क तोड़ दिया जाता था। पुलिस अब आरोपियों के बैंक खातों और वित्तीय लेनदेन की जांच कर रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस गिरोह ने देशभर में कितने लोगों को ठगी का शिकार बनाया है।

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