आधुनिक विकास को परंपराओं और नैतिक मूल्यों के साथ जोड़ना जरूरी: उपराष्ट्रपति

0
661760449_18013568804833977_6702182291370546986_n
  • इग्नू दीक्षांत समारोह में 3.2 लाख से अधिक शिक्षार्थियों ने डिग्रियां, डिप्लोमा और प्रमाणपत्र प्राप्त किए

नई दिल्ली{ गहरी खोज }: उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने मंगलवार को इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (इग्नू) के 39वें दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि वैज्ञानिक प्रगति और आधुनिक विकास को नैतिक मूल्यों और भारतीय परंपराओं के साथ संतुलित करना आवश्यक है, ताकि समावेशी और जिम्मेदार समाज का निर्माण किया जा सके।
इस अवसर पर 3.2 लाख से अधिक विद्यार्थियों को डिग्री, डिप्लोमा और प्रमाणपत्र प्रदान किए गए। उपराष्ट्रपति ने डिजीलॉकर के माध्यम से प्रमाणपत्र जारी किए और इग्नू एलुमनाई पोर्टल का भी शुभारंभ किया।
उपराष्ट्रपति ने कहा कि आधुनिक तकनीक, विशेषकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, शिक्षा और समाज के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है, लेकिन इसका उपयोग जिम्मेदारी और जवाबदेही के साथ होना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत की सबसे बड़ी शक्ति उसके नैतिक मूल्य हैं और विकास की दिशा में आगे बढ़ते समय परंपराओं को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि वैज्ञानिक उन्नति को नैतिकता के मार्गदर्शन में आगे बढ़ाना समय की मांग है।
उपराष्ट्रपति ने इग्नू की भूमिका की सराहना करते हुए इसे देश में समावेशी और सुलभ उच्च शिक्षा का मजबूत स्तंभ बताया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय ने दूरस्थ शिक्षा के माध्यम से लाखों विद्यार्थियों तक शिक्षा पहुंचाकर सामाजिक समानता और अवसरों का विस्तार किया है। उन्होंने बताया कि इग्नू में 14 लाख से अधिक शिक्षार्थी हैं, जिनमें बड़ी संख्या महिलाओं और ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले छात्रों की है। यह विश्वविद्यालय शिक्षा के लोकतंत्रीकरण का सशक्त उदाहरण है। कोविड-19 महामारी के दौरान इग्नू ने स्वयं और ई-ज्ञानकोष जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से शिक्षा को निर्बाध जारी रखा।
उन्होंने नई शिक्षा नीति के तहत चार वर्षीय स्नातक कार्यक्रम और मल्टीपल एग्जिट विकल्पों को शिक्षा प्रणाली में लचीलापन लाने वाला कदम बताया। कार्यक्रम में दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू, इग्नू की कुलपति प्रो. उमा कंजीलाल सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *