नालंदा में NIA की बड़ी कार्रवाई, अवैध हथियार और गोला-बारूद तस्करी नेटवर्क पर छापेमारी
नालंदा{ गहरी खोज }: राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने बिहार के नालंदा जिले में अवैध हथियार और गोला-बारूद तस्करी के खिलाफ बड़ा तलाशी अभियान चलाया है। यह कार्रवाई एक संगठित नेटवर्क को ध्वस्त करने के उद्देश्य से की गई है, जो कथित तौर पर उत्तरी भारत के कई हिस्सों में फैला हुआ है।
जानकारी के अनुसार, यह मामला पिछले वर्ष शुरू हुई जांच से जुड़ा हुआ है, जिसमें सुरक्षा एजेंसियों को अवैध हथियारों की सप्लाई और तस्करी से संबंधित महत्वपूर्ण सुराग मिले थे। उसी आधार पर NIA ने अपनी जांच को आगे बढ़ाते हुए बिहार में कई स्थानों पर छापेमारी की।
अधिकारियों के मुताबिक, यह नेटवर्क काफी सुनियोजित तरीके से काम कर रहा था और इसके तार कई राज्यों तक जुड़े होने की आशंका है। जांच एजेंसी का मानना है कि यह गिरोह अवैध हथियारों की सप्लाई के जरिए आपराधिक गतिविधियों को बढ़ावा दे रहा था, जिससे क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर खतरा पैदा हो सकता था।
इस मामले में पिछले वर्ष एक बड़ी सफलता तब मिली थी जब मुख्य आरोपी कमलकांत वर्मा उर्फ ‘अंकल जी’ को पटना से गिरफ्तार किया गया था। उसकी गिरफ्तारी के बाद जांच को और गति मिली और कई नए नाम व स्थान सामने आए, जिनकी अब गहन जांच की जा रही है।
नालंदा में चलाए गए इस ताजा तलाशी अभियान के दौरान सुरक्षा एजेंसियों ने संदिग्ध ठिकानों की जांच की और कई दस्तावेजों व डिजिटल साक्ष्यों को भी खंगाला। हालांकि, आधिकारिक तौर पर अभी बरामदगी या गिरफ्तारी की विस्तृत जानकारी साझा नहीं की गई है।
नालंदा क्षेत्र में इस कार्रवाई के बाद स्थानीय स्तर पर हलचल देखी गई है। सुरक्षा एजेंसियों ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान पूरे नेटवर्क को उजागर करने और उसकी जड़ तक पहुंचने के लिए चलाया जा रहा है। NIA अधिकारियों का कहना है कि जांच अभी प्रारंभिक और महत्वपूर्ण चरण में है, और आने वाले दिनों में इस मामले में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं। एजेंसी यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस तस्करी नेटवर्क का इस्तेमाल किन आपराधिक या असामाजिक गतिविधियों में किया जा रहा था।
फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है और सुरक्षा एजेंसियां अन्य राज्यों की पुलिस के साथ समन्वय बनाकर काम कर रही हैं। इस कार्रवाई को अवैध हथियारों के नेटवर्क पर एक बड़ी चोट के रूप में देखा जा रहा है, जिससे आने वाले समय में संगठित अपराध पर लगाम लगने की उम्मीद जताई जा रही है।
