दिल्ली सरकार ने ईडब्ल्यूएस एवं सीडब्ल्यूएसएन श्रेणी के अंतर्गत प्रवेश हेतु कंप्यूटरीकृत ड्रा का किया आयोजन

0
fe6fe80f105d374eb87242bd69d45732

नई दिल्ली{ गहरी खोज }: दिल्ली सरकार ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए निजी स्कूलों में ईडब्ल्यूएस, डीजी और विशेष आवश्यकता वाले बच्चों (सीडब्ल्यूएसएन) श्रेणी के तहत दाखिले के लिए पहला कंप्यूटरीकृत ड्रा आयोजित किया। दिल्ली के शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने सोमवार को पुराना सचिवालय में शिक्षा निदेशालय के शैक्षणिक सत्र 2026–27 के लिए निजी गैर-सहायता मान्यता प्राप्त विद्यालयों में प्रवेश स्तर नर्सरी एवं केजी एवं कक्षा एक पर ईडब्ल्यूएस एवं डीजी एवं विशेष आवश्यकता वाले बच्चों (सीडब्ल्यूएसएन) की श्रेणियों के अंतर्गत प्रवेश हेतु कंप्यूटरीकृत ड्रॉ ऑफ़ लॉट्स की प्रक्रिया का अवलोकन किया। यह पूरी प्रक्रिया अभिभावकों और अधिकारियों की उपस्थिति में पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ संपन्न हुई, जिससे हर पात्र बच्चे को समान अवसर मिल सके।
कंप्यूटरीकृत ड्रा के बाद शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने बताया कि दिल्ली सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि प्रदेश के प्रत्येक पात्र बच्चे को निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का अवसर मिले। उन्होंने कहा कि इस वर्ष इन सब श्रेणियों में प्रवेश के लिए तकनीकी सुधारों, एनआईसी द्वारा विकसित और स्वीकृत सॉफ्टवेयर और आधार आधारित सत्यापन के माध्यम से डुप्लीकेट एवं त्रुटिपूर्ण आवेदनों पर प्रभावी रोक लगाई गई है। इससे वास्तविक लाभार्थियों को प्रवेश के अधिक अवसर प्राप्त हुए हैं।
शिक्षा मंत्री ने कहा इस वर्ष कुल सीटों में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है और इसके साथ ही आवेदन प्रक्रिया को और अधिक सरल एवं पारदर्शी भी बनाया गया है। इस वर्ष 2025–26 की तुलना में कुल स्कूलों की संख्या 2219 से बढ़कर 2308 हो गई है। ईडब्ल्यूएस एवं डीजी श्रेणी के अंतर्गत सीटें 44,045 से बढ़कर 48,092 हो गई हैं, जबकि सीडब्ल्यूएसएन श्रेणी में सीटें 6,471 से बढ़कर 7,609 तक पहुंची हैं। उन्होंने बताया कि इस वर्ष कुल सीटों की संख्या 50,516 से बढ़कर 55,701 हो गई है, जो कि 5,185 सीटों की वृद्धि को दर्शाता है।
सूद ने कहा कि दिल्ली सरकार के शिक्षा विभाग को इस वर्ष कुल 1,39,524 आवेदन प्राप्त हुए। ईडब्ल्यूएस एवं डीजी श्रेणी में पूर्ण रूप से भरे हुए आवेदनों की संख्या 1,38,536 है। सीडब्ल्यूएसएन श्रेणी में पूर्ण आवेदनों की संख्या 904 से बढ़कर 988 हो गई है।
सूद ने यह भी स्पष्ट किया कि ड्रा होने के बाद एक बार परिणाम फ्रीज होने के बाद उसमें किसी भी प्रकार का बदलाव संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि इस बार ड्रॉ पूरी तरह से पारदर्शी तरीके से पीपीटी प्रस्तुति के माध्यम से आयोजित किया गया है। अभिभावकों ने स्वयं ड्रा निकाला, जिससे प्रक्रिया पर उनका विश्वास और भी मजबूत हुआ है।
शिक्षा मंत्री ने बताया कि ड्रा के तुरंत बाद ही बच्चों को स्कूल आवंटित कर दिए गए हैं। पिछले वर्ष से प्रक्रिया में सुधार किया। अब अभिभावकों के दस्तावेज मोबाइल पर ही सत्यापित कर लिए जाते हैं, जिससे उन्हें बार-बार स्कूलों के चक्कर नहीं लगाने पड़ते। उन्होंने कहा कि अगले तीन दिनों के भीतर आगे की प्रक्रिया भी शुरू कर दी जाएगी, ताकि चयनित छात्रों को बिना किसी परेशानी के प्रवेश मिल सके।
शिक्षा मंत्री ने बताया कि इस ड्रॉ के माध्यम से हजारों बच्चों को प्रवेश का अवसर मिलेगा जिससे यह सुनिश्चित होता है कि दिल्ली सरकार की चयन प्रक्रिया पूर्णतः निष्पक्ष, पारदर्शी और मेरिट-आधारित है। साथ ही ईडब्ल्यूएस श्रेणी के अभिभावकों को उनका उचित अधिकार मिल सके और प्रत्येक पात्र बच्चे को समान अवसर प्राप्त हो। सूद ने कहा कि दिल्ली सरकार शिक्षा के क्षेत्र में समावेशिता, पारदर्शी चयन और समानता को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है तथा यह प्रवेश प्रक्रिया उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *