अंतरराष्ट्रीय हथियार तस्करी और आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़, दो और आरोपित गिरफ्तार

0
bcfc520dbaa1663998edaf6ecda38f72

नई दिल्ली{ गहरी खोज }: दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने अंतरराष्ट्रीय हथियार तस्करी और आतंकी नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए दो और अहम आरोपितों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई के साथ अब तक कुल 12 आरोपितों की गिरफ्तारी हो चुकी है। पुलिस ने इस पूरे नेटवर्क के तार पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई से जुड़े होने का दावा किया है।
क्राइम ब्रांच के पुलिस उपायुक्त संजीव यादव ने सोमवार को जानकारी देते हुए बताया कि क्राइम ब्रांच की एंटी-रेकेट सेल (एआरएससी) की टीम ने इंस्पेक्टर मन सिंह और इंस्पेक्टर सुंदर गौतम के नेतृत्व में यह कार्रवाई की। गिरफ्तार आरोपितों की पहचान इमरान (37) और मोहम्मद कामरान (27) के रूप में हुई है, जो उप्र के बुलंदशहर से जुड़े हैं। दोनों को लुकआउट सर्कुलर (एलआसी) के आधार पर 2 अप्रैल को आईजीआई एयरपोर्ट से हिरासत में लिया गया था। पुलिस के मुताबिक, यह मामला 14 मार्च 2026 को दर्ज एफआईआर नंबर 49/26 से जुड़ा है, जिसमें यूएपीए की धाराएं भी जोड़ी गई हैं। इससे पहले इस केस में 10 आरोपितों को गिरफ्तार किया जा चुका है और उनके पास से 21 अत्याधुनिक हथियार तथा 200 जिंदा कारतूस बरामद हुए थे।
ताजा कार्रवाई में पुलिस ने आरोपितों के कब्जे से एक 0.30 बोर की चीनी पिस्टल, एक 0.32 बोर का रिवॉल्वर, 11 जिंदा कारतूस और एक मॉडिफाइड मारुति स्विफ्ट कार बरामद की है। इस कार में हथियार छिपाने के लिए विशेष गुप्त खांचे बनाए गए थे, जिनका इस्तेमाल तस्करी में किया जाता था। जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी नेपाल से अवैध हथियारों की खेप लाते थे, जिन्हें अलग-अलग हिस्सों में तोड़कर भारत में तस्करी कर लाया जाता था। बाद में इन्हें जोड़कर दिल्ली-एनसीआर और अन्य राज्यों में आपराधिक और आतंकी तत्वों तक पहुंचाया जाता था।
पुलिस के अनुसार, इस नेटवर्क का सरगना शाहबाज अंसारी है, जो फिलहाल फरार है और विदेश में बैठे अपने आकाओं के इशारे पर काम कर रहा है। हथियारों की सप्लाई पाकिस्तान से थाईलैंड और नेपाल होते हुए भारत लाई जाती थी, ताकि सुरक्षा एजेंसियों से बचा जा सके। जांच एजेंसियों का मानना है कि इन हथियारों का इस्तेमाल बड़े आतंकी हमलों में किया जा सकता था, खासकर धार्मिक आयोजनों और भीड़-भाड़ वाले इलाकों को निशाना बनाने के लिए। पुलिस ने कहा कि यह नेटवर्क देश की आंतरिक सुरक्षा और सांप्रदायिक सौहार्द को नुकसान पहुंचाने की साजिश का हिस्सा था। क्राइम ब्रांच ने मामले की जांच तेज कर दी है और फरार आरोपितों की तलाश जारी है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *