गेहूं खरीद शुरू, मंडियों में बारदाना व व्यवस्थाओं की कमी से बढ़ी चिंता

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यमुनानगर{ गहरी खोज }: यमुनानगर जिले में रबी सीजन की प्रमुख फसल गेहूं की सरकारी खरीद प्रक्रिया बुधवार से औपचारिक रूप से शुरू हो गई है। खेतों में फसल पूरी तरह पककर तैयार है, लेकिन मंडियों में आवश्यक इंतजाम अधूरे होने के कारण शुरुआती दौर में व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है।
जिले की 13 अनाज मंडियों में खरीद कार्य प्रारंभ होने के बावजूद बारदाना की कमी सबसे बड़ी चुनौती बनकर सामने आई है। अभी तक पर्याप्त संख्या में बोरी उपलब्ध नहीं होने से किसान और आढ़ती असमंजस की स्थिति में हैं। इसके साथ ही फसल उठान के लिए वाहनों की व्यवस्था भी अंतिम चरण में है, जिससे आने वाले दिनों में दबाव बढ़ सकता है। कृषि विभाग के अनुसार इस वर्ष जिले में लगभग 90 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में गेहूं की बुवाई की गई थी। सरकारी एजेंसियों ने करीब 3.36 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में अधिक है।
किसानों को इस बार 2585 रुपये प्रति क्विंटल के न्यूनतम समर्थन मूल्य पर भुगतान किया जाएगा। हाल के दिनों में हुई बारिश के कारण फसल में नमी बढ़ गई है। इसके चलते मंडियों में गेहूं की आवक 5 अप्रैल के बाद तेज होने की संभावना जताई जा रही है। खरीद कार्य में हैफेड, डीएफएससी और हरियाणा वेयरहाउस कॉरपोरेशन की प्रमुख भूमिका रहेगी। प्रशासन ने तैयारियों का दावा किया है, लेकिन जमीनी स्तर पर कई व्यवस्थाएं अभी अधूरी हैं।
उपायुक्त प्रीति ने मंडियों का निरीक्षण कर आवश्यक निर्देश दिए हैं, फिर भी व्यवस्थाओं में अपेक्षित सुधार नजर नहीं आ रहा। इस बार खरीद प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए कुछ नए प्रावधान लागू किए गए हैं। मंडी में आने वाले वाहनों पर नंबर प्लेट अनिवार्य की गई है और किसान की उपस्थिति भी जरूरी होगी।

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