सहजन का पाउडर है पोषक तत्वों का भंडार, जानें कौन सी बीमारियों में है असरदार और इस्तेमाल का सही तरीका
लाइफस्टाइल डेस्क { गहरी खोज }: मोरिंगा यानी सहजन का इस्तेमाल भारतीय खान-पान में लंबे समय से किया जा रहा है। सहजन के पेड़ का लगभग हर हिस्सा फ़ायदेमंद होता है। सहजन की पत्तियों को पोषक तत्वों का भंडार कहते हैं जो विटामिन ए, सी, कैल्शियम, पोटेशियम और आयरन से भरपूर होती हैं। चलिए जानते हैं अपनी डाइट में सहजन का पाउडर इस्तेमाल करने से कौन से फायदे मिलते हैं साथ ही सेवन करने का सही तरीका ?
मोरिंगा पाउडर के फ़ायदे
इम्यून सिस्टम होता है बूस्ट: मोरिंगा को एक शक्तिशाली इम्यून सिस्टम बूस्टर माना जाता है, क्योंकि इसमें पोषक तत्वों और एंटीऑक्सीडेंट्स की मात्रा बहुत ज़्यादा होती है।खासकर विटामिन C, विटामिन A और ज़िंक की। यह इम्यून सिस्टम के काम करने में मदद करता है, सूजन को कम करता है, और कोशिकाओं को नुकसान से बचा सकता है।
ब्लड शुगर होता है कंट्रोल: मोरिंगा ब्लड शुगर के स्तर को कम करने में काफी असरदार है।अध्ययनों से पता चलता है कि इसमें खाली पेट ब्लड ग्लूकोज को तक कम करने और इंसुलिन संवेदनशीलता को बेहतर बनाने की क्षमता है। इसे पाउडर, चाय या कैप्सूल के रूप में एक प्राकृतिक उपचार के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है।
ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस होता है कंट्रोल: सूजन और ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस कई पुरानी बीमारियों का कारण बन सकते हैं। सहजन में बहुत सारे एंटीऑक्सीडेंट होते हैं जो ऑक्सीडेटिव नुकसान से लड़ने में मदद कर सकते हैं और सूजन-रोधी के रूप में काम कर सकते हैं।
पाचन होता है बेहतर: सहजन में फाइबर की मात्रा ज़्यादा होने से यह पाचन प्रक्रिया में मदद कर सकता है और मल त्याग को आसान बनाकर पेट के स्वास्थ्य को भी बेहतर बना सकता है।
हड्डियां बनती हैं मजबूत: सहजन में मौजूद कैल्शियम, आयरन और विटामिन K हड्डियों के घनत्व को बनाए रखने और थकान को कम करने में मदद कर सकते हैं।
हार्ट हेल्थ में है फायदेमंद :सहजन में मौजूद भरपूर एंटीऑक्सीडेंट, फाइबर और प्लांट स्टेरोल की वजह से यह हाई कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड्स को कम करने में मदद कर सकता है। अध्ययनों से पता चलता है कि यह धमनियों में प्लाक जमने की समस्या को कम कर सकता है।
मोरिंगा पाउडर कैसे बनाएं?
घर पर मोरिंगा पाउडर बनाना बहुत आसान है।मोरिंगा की ताज़ी पत्तियों को धोकर, छाँव में तब तक सुखाया जाता है, जब तक कि उनमें मौजूद सारी नमी सूख न जाए। पूरी तरह सूख जाने के बाद, उन्हें पीसकर बारीक पाउडर बना लिया जाता है, और फिर किसी एयरटाइट डिब्बे में भरकर रख दिया जाता है। इस तरह, आप इसके पोषक तत्वों और स्वाद को कई महीनों तक सुरक्षित रख सकते हैं।
मोरिंगा पाउडर का कैसे करें इस्तेमाल?
मोरिंगा पाउडर का सेवन सुबह खाली पेट गर्म पानी, स्मूदी, सूप, दाल या सलाद में मिलाकर (1 छोटा चम्मच) करें। इसे आप आटे में मिलाकर पौष्टिक रोटी या पराठे भी बना सकते हैं। इसे पकाने से इसके पोषक तत्व कम हो सकते हैं, इसलिए इसे भोजन में ऊपर से मिलाना या कच्चा उपयोग करना बेहतर है।
