साणंद में केयन्स सेमीकॉन प्लांट का उद्घाटन, ‘मेक इन इंडिया’ को मिली नई ताकत : मोदी

0
659901703_1523973279738467_6293470518558276138_n

अहमदाबाद{ गहरी खोज }: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को गुजरात के साणंद जीआईडीसी में केयन्स सेमीकॉन के अत्याधुनिक सेमीकंडक्टर प्लांट का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि यह दिन “मेक इन इंडिया, मेक फॉर द वर्ल्ड” के विजन को साकार करने वाला ऐतिहासिक क्षण है और भारत को वैश्विक सेमीकंडक्टर हब बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि इस प्लांट के शुरू होने के साथ ही यहां कमर्शियल प्रोडक्शन भी आरंभ हो गया है, जो भारत की सेमीकंडक्टर यात्रा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। केयन्स सेमीकॉन सुविधा का उद्घाटन भारत की आत्मनिर्भरता की दिशा में मजबूत प्रयासों को और गति देता है तथा एक सशक्त सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम के निर्माण की दिशा में अहम भूमिका निभाएगा।
मोदी ने कहा कि भारत अब वैश्विक बाजार में एक भरोसेमंद सेमीकंडक्टर सप्लायर के रूप में उभर रहा है। उन्होंने वर्ष 2021 में शुरू किए गए ‘इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन’ का उल्लेख करते हुए कहा कि यह केवल एक औद्योगिक नीति नहीं, बल्कि भारत के आत्मविश्वास और तकनीकी क्षमता का प्रतीक है। इस मिशन के तहत छह राज्यों में लगभग 1.60 लाख करोड़ रुपये की लागत से 10 बड़े प्रोजेक्ट्स पर काम चल रहा है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि 28 फरवरी को माइक्रोन टेक्नोलॉजी के प्लांट में उत्पादन शुरू हुआ था और अब 31 मार्च को केयन्स सेमीकॉन प्लांट भी उत्पादन के चरण में प्रवेश कर गया है। उन्होंने इसे संयोग नहीं, बल्कि भारत के तेजी से विकसित हो रहे सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम का प्रमाण बताया।
उन्होंने कहा कि यह गर्व का विषय है कि भारत की अपनी कंपनी केयन्स अब वैश्विक सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन का हिस्सा बन गई है। आने वाले समय में और भी भारतीय कंपनियां वैश्विक सहयोग के माध्यम से इस क्षेत्र में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराएंगी।
इस प्लांट में एडवांस्ड इंटेलिजेंट पावर मॉड्यूल्स (आईपीएमएस) का निर्माण किया जाएगा, जो ऑटोमोबाइल और औद्योगिक क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण कंपोनेंट हैं। ये मॉड्यूल्स उच्च दक्षता और विश्वसनीय पावर स्विचिंग सिस्टम के लिए उपयोग किए जाते हैं। प्रत्येक मॉड्यूल में 17 चिप्स होती हैं और इनका निर्यात कैलिफोर्निया स्थित अल्फा और ओमेगा सेमीकंडक्टर को किया जाएगा। प्लांट के पूर्ण रूप से संचालित होने पर इसकी उत्पादन क्षमता प्रतिदिन 6.33 मिलियन यूनिट्स तक पहुंचने की संभावना है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि “मेक इन इंडिया, मेक फॉर द वर्ल्ड” का प्रभाव अब वैश्विक स्तर पर दिखाई देगा और भारत में निर्मित उत्पाद दुनिया भर के उद्योगों को शक्ति प्रदान करेंगे। भारत का लक्ष्य घरेलू मांग को पूरा करने के साथ-साथ वैश्विक बाजार में भी अपनी हिस्सेदारी बढ़ाना है। उन्होंने बताया कि देश में सेमीकंडक्टर बाजार का वर्तमान आकार लगभग 50 अरब डॉलर है, जो इस दशक के अंत तक बढ़कर 100 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है। यह वृद्धि भारत में इस क्षेत्र की अपार संभावनाओं को दर्शाती है।
प्रधानमंत्री ने महत्वपूर्ण खनिज के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता के लिए शुरू किए गए ‘नेशनल क्रिटिकल मिनरल मिशन’ का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि इस पहल के तहत खनन और उत्पादन को बढ़ावा दिया जा रहा है तथा खनिजों की रीसाइक्लिंग के लिए 1500 करोड़ रुपये की योजना शुरू की गई है। इसके अलावा हालिया बजट में ओडिशा, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु और केरल जैसे तटीय राज्यों को जोड़ते हुए ‘रेयर अर्थ कॉरिडोर’ के निर्माण की घोषणा की गई है, जो खनन, रिफाइनिंग और मैन्युफैक्चरिंग की एकीकृत श्रृंखला विकसित करेगा।
प्रधानमंत्री ने कहा कि कोविड-19 महामारी के दौरान ही भारत ने यह संकल्प लिया था कि देश सेमीकंडक्टर क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनेगा और वैश्विक हब के रूप में उभरेगा। आज उस दिशा में तेजी से प्रगति हो रही है। उन्होंने ‘सेमीकंडक्टर मिशन 2.0’ का जिक्र करते हुए कहा कि इसके तहत अब देश में सेमीकंडक्टर उपकरणों और मटेरियल्स के उत्पादन को बढ़ावा दिया जाएगा, ताकि एक पूर्ण ‘फुल-स्टैक’ इकोसिस्टम विकसित किया जा सके।
इस परियोजना के साथ भारत की दूसरी ओएसएटी/एटीएमपी यूनिट भी उत्पादन चरण में पहुंच गई है। यह देश की इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग सर्विसेज (ईएमएस) कंपनियों के लिए सेमीकंडक्टर निर्माण क्षेत्र में प्रवेश का प्रतीक है और घरेलू क्षमताओं को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
प्रधानमंत्री ने कहा कि 21वीं सदी का भारत केवल परिवर्तन का साक्षी नहीं, बल्कि परिवर्तन का नेतृत्व करने के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि तकनीकी क्षेत्र में उठाए जा रहे ये कदम आने वाले दशकों में भारत को वैश्विक नेतृत्व की नई ऊंचाइयों पर पहुंचाएंगे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *