ममता बनर्जी पर आचार संहिता उल्लंघन का आरोप, भाजपा ने आयोग से की शिकायत

0
5564300570efab00dd46ab83ffeb8861

कोलकाता{ गहरी खोज }: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और तृणमूल कांग्रेस के कुछ नेताओं के खिलाफ चुनाव आचार संहिता के कथित उल्लंघन को लेकर चुनाव आयोग में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है। पार्टी ने आरोप लगाया है कि चुनावी सभाओं के दौरान दिए गए कुछ बयानों से मतदाताओं को डराने, भड़काने और चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने का प्रयास किया गया है।
भाजपा की ओर से सोमवार को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा उत्तर बंगाल सहित विभिन्न स्थानों पर की गई चुनावी सभाओं में दिए गए भाषणों में मतदाताओं को प्रभावित करने वाले और तनाव बढ़ाने वाले कथन शामिल थे, जो स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव के लिए खतरा पैदा कर सकते हैं।
भाजपा ने अपनी शिकायत में कहा है कि 25 मार्च, 2026 को मैनागुड़ी की एक सभा में मुख्यमंत्री ने कहा कि चुनाव के बाद लोगों को अपने घरों के बाहर यह लिखना होगा कि वे भाजपा का समर्थन नहीं करते। भाजपा ने इसे राजनीतिक अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर दबाव बनाने वाला बयान बताया है। इसी दिन नक्सलबाड़ी की सभा में महिलाओं से घर में जो भी है लेकर बाहर आने की अपील का भी उल्लेख शिकायत में किया गया है। भाजपा का आरोप है कि इस तरह के बयान से टकराव की स्थिति पैदा हो सकती है।
26 मार्च को पांडवेश्वर की सभा में भी मुख्यमंत्री द्वारा लोगों से एकजुट होकर विरोध करने और मतदान तथा मतगणना के दिन सतर्क रहने की अपील का जिक्र करते हुए भाजपा ने कहा है कि इससे चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता पर संदेह पैदा करने की कोशिश हुई।
शिकायत में दक्षिण 24 परगना के बासंती क्षेत्र की एक घटना का भी उल्लेख किया गया है, जिसमें भाजपा कार्यकर्ताओं पर हमले का आरोप लगाया गया है। भाजपा ने दावा किया है कि यह घटना ऐसे बयानों के बाद बने माहौल का परिणाम हो सकती है। साथ ही राज्य पुलिस पर निष्क्रिय रहने का आरोप भी लगाया गया है।
भाजपा ने 28 मार्च को कोलकाता में तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा के एक बयान का भी हवाला दिया है, जिसमें कथित तौर पर क्षेत्रीय आधार पर तुलना की गई थी। भाजपा का कहना है कि इस तरह के बयान से समाज में विभाजन की स्थिति बन सकती है।
भाजपा ने अपनी शिकायत में चुनाव आचार संहिता, जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 और भारतीय न्याय संहिता 2023 की विभिन्न धाराओं का उल्लेख करते हुए कार्रवाई की मांग की है। पार्टी का कहना है कि इन बयानों से विभिन्न समुदायों के बीच तनाव बढ़ सकता है, जो कानून के प्रावधानों का उल्लंघन है। भाजपा ने चुनाव आयोग से मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने और उचित कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है, ताकि राज्य में स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव सुनिश्चित किए जा सकें। फिलहाल, इस शिकायत पर तृणमूल कांग्रेस या मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *