950 घरों तक शुद्ध पेयजल पहुंचाने के लिए पिंकी राणा को राष्ट्रपति ने सम्मानित किया

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हजारीबाग{ गहरी खोज }: हजारीबाग जिले के सुदूरवर्ती कंचनपुर पंचायत की मुखिया पिंकी राणा आज पूरे क्षेत्र ही नहीं, बल्कि देशभर में चर्चा का विषय बनी हुई हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन को गांव-गांव तक पहुंचाने में बड़ी भूमिका निभाई है।
पिंकी राणा ने अपने पंचायत के करीब 950 घरों तक शुद्ध पेयजल पहुंचाकर यह साबित कर दिया है कि जब केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाएं मजबूत नेतृत्व और जनभागीदारी के साथ धरातल पर उतरती हैं, तो गांवों की तस्वीर सचमुच बदल जाती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी जल जीवन मिशन योजना का उद्देश्य हर घर तक नल से जल पहुंचाना है। कंचनपुर पंचायत में यह सपना अब हकीकत बन चुका है।
इसी उत्कृष्ट कार्य के लिए 11 मार्च को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने पिंकी राणा को सम्मानित किया था। यह सम्मान केवल एक मुखिया का सम्मान नहीं, बल्कि उस सोच का सम्मान है, जिसे प्रधानमंत्री मोदी ने गांव, गरीब और बुनियादी सुविधाओं को केंद्र में रखकर आगे बढ़ाया है। सम्मान मिलने के बाद जब पिंकी राणा अपने पंचायत लौटीं, तो ग्रामीणों ने उनका भव्य स्वागत किया। कंचनपुर पंचायत के अंतर्गत कंचनपुर, हेदलाग और गोविंदपुर जैसे तीन गांव आते हैं।
इन गांवों के लगभग 950 घरों तक आज शुद्ध और फिल्टर किया हुआ पानी पहुंच रहा है। पिंकी राणा ने वर्ष 2023 से इस दिशा में गंभीरता से काम शुरू किया था और लगातार तीन वर्षों की मेहनत, सुनियोजित रणनीति तथा सामुदायिक सहयोग से जल जीवन मिशन को अंतिम घर तक पहुंचाने का लक्ष्य पूरा किया। न्यूज एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में पिंका राणा ने कहा कि उनके लिए यह बहुत गर्व और भावनात्मक क्षण था कि उनके कार्य को देश के राष्ट्रपति ने सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि इस सम्मान से न सिर्फ उनका हौसला बढ़ा है, बल्कि दूसरे जनप्रतिनिधियों को भी प्रेरणा मिलेगी कि वे सरकार की योजनाओं को पूरी ईमानदारी से जमीन पर उतारें। उन्होंने प्रधानमंत्री का भी धन्यवाद देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार आने के बाद विशेष रूप से ग्राम पंचायत को मजबूत किया जा रहा है जिस कारण से आज हर पंचायत में विकास की गंगा बह रही है।
उन्होंने पीएम मोदी को धन्यवाद दिया। पीएम मोदी एक-एक घर के लिए सोचते हैं। उन्होंने बताया कि इस योजना की सबसे बड़ी ताकत सामुदायिक भागीदारी है। पंचायत के हर घर से 62 रुपये 50 पैसे प्रतिमाह बैंक खाते में जमा कराए जाते हैं।
इस राशि का उपयोग जलमीनार और फिल्टर प्रणाली के रखरखाव तथा मरम्मत में किया जाता है, ताकि आने वाले वर्षों तक यह व्यवस्था बिना बाधा चलती रहे। गांव में सुबह 7 बजे से 9 बजे तक और शाम 4 बजे से 6 बजे तक पानी की आपूर्ति की जाती है, जिससे लोग अपने घरों में पर्याप्त पानी जमा कर लेते हैं और हर रोज की जरूरतों में उसका उपयोग करते हैं।

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