पालम अग्निकांड पर कांग्रेस ने भाजपा पर ‘ध्रुवीकरण’ की राजनीति करने का लगाया आरोप
नई दिल्ली{ गहरी खोज }: दिल्ली के उत्तम नगर और पालम इलाके से जुड़ी हालिया घटनाओं को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। विभिन्न दलों के नेताओं ने जहां एक ओर कानून व्यवस्था और प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए हैं, वहीं दूसरी ओर धार्मिक स्वतंत्रता और नागरिक सुविधाओं को लेकर भी सरकार को घेरा है।
कांग्रेस सांसद उज्जवल रमण सिंह ने उत्तम नगर की स्थिति पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा पर ध्रुवीकरण की राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भाजपा समाज में विभाजन पैदा कर चुनावी लाभ लेने की कोशिश कर रही है, जो पूरी तरह असफल साबित होगी। उन्होंने उत्तम नगर की घटना को निंदनीय बताते हुए कहा कि किसी भी धार्मिक आयोजन को रोकना संविधान के मूल सिद्धांतों के खिलाफ है।
उन्होंने संभल की घटना का भी उल्लेख करते हुए कहा कि इस तरह की कार्रवाइयों पर उच्च न्यायालय भी कड़ा रुख अपना चुका है। उज्जवल रमण सिंह ने सरकार से अपील की कि लोगों को बिना किसी बाधा के अपने त्योहार, विशेषकर ईद, मनाने की अनुमति दी जाए, क्योंकि संविधान सभी धर्मों को समान अधिकार देता है।
वहीं, आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने दिल्ली में हाल ही में हुई आग की घटना को बेहद दुखद बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि हादसे के समय पीड़ितों को समय पर मदद नहीं मिल पाई और फायर विभाग की भूमिका पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि यह प्रशासनिक विफलता का बड़ा उदाहरण है और इसमें सरकार की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। संजय सिंह ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि उनके लिए आम लोगों की जिंदगी की कोई कीमत नहीं है और वे केवल अपने हितों में लगे रहते हैं। संजय सिंह ने दिल्ली सरकार की कार्यप्रणाली पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि राजधानी में पानी और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाओं की स्थिति लगातार खराब हो रही है।
गर्मी शुरू होने से पहले ही बिजली कटौती होना इस बात का संकेत है कि सरकार जनता की समस्याओं के प्रति गंभीर नहीं है। इस बीच, पालम इलाके में आग की घटना पर भाजपा सांसद कमलजीत सहरावत ने गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि इस हादसे में एक ही परिवार के नौ लोगों की जान चली गई, जो अत्यंत पीड़ादायक है। उन्होंने कहा कि आग एक दुकान में लगी थी, लेकिन धुआं ऊपर रहने वाले परिवार तक पहुंच गया, जिससे दम घुटने के कारण उनकी मौत हो गई। सहरावत ने इसे एक बड़ी सीख बताते हुए कहा कि नागरिकों को भी अपनी सुरक्षा के प्रति जागरूक रहना चाहिए।
