कंपोजिट विद्यालय में मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने 226 छात्राओं को खिलाई दवा एल्बेण्डाजोल
वाराणसी{ गहरी खोज }: वाराणसी में महमूरगंज स्थित कंपोजिट विद्यालय में राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस के अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर राजेश प्रसाद ने 226 छात्राओं को पेट के कीड़ों से बचाव की दवा एल्बेण्डाजोल खिलाई। डॉक्टर राजेश प्रसाद ने बताया कि राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस पर वाराणसी में करीब नौ लाख 80 हजार बच्चों को दवा खिलाई गई है। छूटे हुए बच्चों के लिए 13 फ़रवरी को मॉप अप राउंड में दवा खिलाई जाएगी।मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने कहा कि सेहतमंद भविष्य और बेहतर स्वास्थ्य के लिए व्यक्तिगत स्वच्छता व साफ- सफाई अतिआवश्यक है। समय- समय पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा चलाई जाने वाले इस प्रकार के अभियानों में सभी अभिभावकों को पूरे मनोयोग से सहयोग करना चाहिए। उन्होंने बच्चों से अपील की कि पेट में कीड़े खुले में शौच करने से, बिना हाथ धोये खाना खाने से, नाखूनों के न कटे होने से और साफ-सफाई न रखने से होते हैं। इसके लिए सभी को शौच के बाद एवं खाना खाने से पहले अच्छी तरह हाथ धोना चाहिए। नाखूनों को साफ रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि पेट के कीड़ों से बचाव के लिए एक से 19 वर्ष तक के सभी बच्चों को दवा खिलाई जाती है, जिससे उनको कृमि से राहत मिल सके और शारीरिक एवं बौद्धिक विकास निरंतर होता रहे। यह गोली हर छः माह में एक बार खिलाई जाती है। अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी व कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ संजय राय ने कहा कि पेट में कीड़े होने से बच्चे कुपोषित हो जाते हैं। उनमें खून की कमी (एनीमिया) हो जाती है, जिसके कारण बच्चे कमजोर होने लगते हैं। उनके बेहतर स्वास्थ्य के लिए कृमि से छुटकारा जरूरी है। यह तभी संभव है जब बच्चों, किशोर-किशोरियों को समय से कृमि मुक्ति की दवा खिलायी जाए। अभिभावकों को चाहिए कि बच्चों को इस परेशानी से बचाने के लिए कीड़े निकालने की दवा उन्हें जरूर खिलाएं। इस मौके पर डॉ नीधि पाण्डेय, रमेश वर्मा, मनीष सिंह, पंकज कुमार, सावित्री सहित स्कूली छात्र व एवं अन्य लोग मौजूद रहे।
