‘अमरावती क्वांटम वैली’ देश के क्वांटम तकनीकी क्षेत्र की मजबूत नींव: डॉ जितेंद्र सिंह

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​नई दिल्ली{ गहरी खोज }: केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ जितेंद्र सिंह ने रविवार को कहा कि अमरावती क्वांटम वैली केवल एक निर्माण कार्य नहीं, बल्कि देश के क्वांटम तकनीकी क्षेत्र की मजबूत नींव है। डॉ सिंह ने यह बात आज ‘अमरावती क्वांटम वैली’ की आधारशिला रखने के दौरान कही। उनके साथ आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू भी मौजूद रहे। ​डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा, क्वांटम तकनीक अब कोई विकल्प नहीं बल्कि एक रणनीतिक आवश्यकता है। भारत ने भले ही आईटी क्रांति में देरी की हो लेकिन क्वांटम, एआई और अंतरिक्ष जैसे उभरते क्षेत्रों में हम दुनिया का नेतृत्व करेंगे। उन्होंने कहा कि लगभग 6 हजार करोड़ रुपये के बजट वाला यह मिशन अब आंध्र प्रदेश को एक रणनीतिक केंद्र के रूप में उपयोग करेगा। यह मिशन 17 राज्यों और 2 केंद्र शासित प्रदेशों के 43 संस्थानों तक फैला हुआ है।
​डॉ. जितेंद्र सिंह ने क्वांटम प्रौद्योगिकी को एक विकल्प के बजाय एक रणनीतिक आवश्यकता बताते हुए, मंत्री ने कहा कि यदि भारत आने वाले दशकों में अपनी संचार प्रणालियों, रक्षा वास्तुकला, स्वास्थ्य सेवा नवाचार और वैश्विक तकनीकी स्थिति को सुरक्षित करना चाहता है तो उसके पास इस क्षेत्र में नेतृत्व करने के अलावा कोई विकल्प नहीं है।
उनका बिना किसी दुष्प्रभाव के कैंसर ट्यूमर को लक्षित करने वाली सटीक विकिरण चिकित्सा, संचार प्रणालियों तथा रक्षा वास्तुकला को वैश्विक खतरों से सुरक्षित करना और 2030 तक अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था को 8 अरब डॉलर से बढ़ाकर 45 अरब डॉलर करने का लक्ष्य है।
​मंत्री ने राष्ट्रीय महासागर विज्ञान केंद्र का उदाहरण दिया, जो 20 वर्षों से लंबित था लेकिन वर्तमान राज्य सरकार के आने के कुछ महीनों के भीतर पूरा हो गया। यह केंद्र भारत के ‘डीप ओशन मिशन’ और ‘नीली अर्थव्यवस्था’ के लिए महत्वपूर्ण होगा।
इस कार्यक्रम में शिलान्यास पट्टिका का अनावरण, अमरावती क्वांटम वैली लोगो का अनावरण, आईबीएम और टीसीएस क्वांटम क्लाउड सेवाओं का शुभारंभ, आईबीएम-टीसीएस क्वांटम इनोवेशन सेंटर की स्थापना, क्वांटम टैलेंट हब की घोषणा, एसआरएम विश्वविद्यालय द्वारा क्वांटम रेफरेंस फैसिलिटी, क्वांटम-सेफ एप्लीकेशन्स पहल और नौ उद्योग भागीदारों के साथ कई समझौता ज्ञापनों का आदान-प्रदान शामिल था, जो एक समन्वित उद्योग-अकादमिक-सरकारी साझेदारी का प्रतीक है। उल्लेखनीय है कि एसआरएम विश्वविद्यालय द्वारा 14 अप्रैल (अंतर्राष्ट्रीय क्वांटम दिवस) को दो स्वदेशी क्वांटम कंप्यूटरों के साथ एक ‘क्वांटम रेफरेंस फैसिलिटी’ शुरू करने की योजना है।

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