इंडिया स्टोन मार्ट: जयपुर आर्किटेक्चर फेस्टिवल का उद्घाटन कर दीया कुमारी ने कहा राजस्थान का पत्थर दुनिया भर में पहचान
जयपुर{ गहरी खोज }: इंडिया स्टोन मार्ट 2026 के दूसरे दिन जयपुर एग्जीबिशन एंड कन्वेंशन सेंटर (जेईसीसी), सीतापुरा में जयपुर आर्किटेक्चर फेस्टिवल 2026 का भव्य शुभारंभ हुआ। उद्घाटन समारोह की मुख्य अतिथि उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी ने कहा कि राजस्थान का पत्थर और स्थापत्य पूरी दुनिया में प्रदेश की पहचान बन चुका है। चाहे अयोध्या का राम मंदिर हो, अक्षरधाम हो या देश–विदेश की ऐतिहासिक इमारतें और प्रतिष्ठित होटल—इनमें प्रयुक्त पत्थर प्रायः राजस्थान का ही होता है, जो राज्य के लिए गौरव की बात है। मुग्धा कन्वेंशन हॉल में दीप प्रज्वलन के साथ समारोह की शुरुआत हुई। इस अवसर पर देश–विदेश के ख्यातनाम आर्किटेक्ट्स, नीति-निर्माता, उद्योग प्रतिनिधि और संस्थागत संगठनों से जुड़े वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे।
उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी ने अपने संबोधन में कहा कि इतने प्रतिष्ठित आर्किटेक्ट्स को एक मंच पर सम्मानित करना गर्व का विषय है। उन्होंने लघु उद्योग भारती का आभार जताते हुए कहा कि शिल्पग्राम जैसे मंच छोटे कारीगरों, हस्तशिल्पियों, छात्रों और युवाओं के लिए सीखने और आगे बढ़ने का बड़ा अवसर प्रदान करते हैं। इससे निर्यातकों को भी नए अवसर मिलेंगे। उन्होंने प्रधानमंत्री के “विकास भी और विरासत भी” मंत्र का उल्लेख करते हुए पारंपरिक स्थापत्य और आधुनिक आर्किटेक्चर के समन्वय पर जोर दिया तथा भविष्य में इस आयोजन को और लंबी अवधि तक आयोजित करने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि जयपुर विश्व की पहली प्लांड सिटी है और वास्तुकला में इसका विशेष स्थान है। राजस्थान के हैंडीक्राफ्ट, हस्तशिल्प और मार्बल इंडस्ट्री से जुड़े लोगों के लिए यह फेस्टिवल बड़ा मंच है।
समारोह में मंचासीन अतिथियों में लघु उद्योग भारती की राष्ट्रीय सचिव अंजू सिंह, सीडॉस के सीईओ मुकुल रस्तोगी, उपाध्यक्ष दीपक अजमेरा, आर्किटेक्ट वू जियांग, आर्किटेक्ट तुषार सोगानी और आर्किटेक्ट विलास वसंत शामिल रहे। विधायक हमीर सिंह भायल सहित अन्य गणमान्य अतिथि भी उपस्थित थे।
इस अवसर पर 12वें ऑल इंडिया स्टोन आर्किटेक्चर अवॉर्ड्स 2025 के विजेताओं को सम्मानित किया गया। चार श्रेणियों में चयनित आर्किटेक्ट्स को नकद पुरस्कार प्रदान किए गए। समारोह के अंत में सीडॉस के चेयरमैन दीपक अजमेरा ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया।
