विकसित भारत @ 2047 की नींव रखने वाला है केंद्रीय बजट : आशीष सूद
नई दिल्ली{ गहरी खोज }: दिल्ली के शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने कहा कि केंद्रीय बजट विकसित भारत@2047 के लक्ष्य की ठोस नींव रखने वाला बजट है। यह बजट न केवल आर्थिक दृष्टि से बल्कि वैचारिक और प्रतीकात्मक रूप से भी औपनिवेशिक सोच से पूर्ण मुक्ति का संदेश देता है।
शिक्षा मंत्री ने शुक्रवार को दिल्ली सचिवालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि यह बजट केवल आंकड़ों का दस्तावेज नहीं है, बल्कि औपनिवेशिक सोच से मुक्ति का एक और निर्णायक कदम है। उन्होंने कहा कि गुरुवार को राज्यसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विपक्ष को स्पष्ट और सटीक आईना भी दिखाया। उन्होंने पिछली दिल्ली सरकार की सच्चाई देश के सामने रखी एक ऐसी सरकार जो शराब नीति के नशे में डूबी हुई थी, ईमानदारी के प्रमाणपत्र बांटने वाले लोग शीशमहल में रह रहे थे।
सूद ने कहा कि यह बजट अंत्योदय से सर्वोदय का बजट है। इसी भावना के साथ केंद्रीय नेतृत्व ने दिल्ली की जनता के लिए कई विशेष प्रावधान किए हैं। दिल्ली पुलिस को सुदृढ़ करने के लिए 12,846 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिसमें 965 करोड़ रुपये कैपिटल एक्सपेंडिचर और 11,881 करोड़ रेवेन्यू एक्सपेंडिचर के शामिल हैं। इसके तहत एआई आधारित स्मार्ट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम, फेस रिकॉग्निशन तकनीक, शहर-व्यापी सीसीटीवी नेटवर्क,और पुलिस बलों के बीच बेहतर समन्वय के लिए उन्नत संचार नेटवर्क जैसे ठोस प्रावधान किए गए हैं।
सूद ने यह भी बताया की बजट में शहरी विकास और पावर सेक्टर में 53.5 लाख करोड़ का निवेश भारत को विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने का स्पष्ट रोडमैप है। पहली बार दिल्ली को 21,000 करोड़ तक पब्लिक बॉरोइंग की अनुमति दी गई है।
सूद ने कहा कि एसएएससीआई योजना और दिल्ली मेट्रो फेज-4 के विस्तार हेतु बजट को 6,275 करोड़ से बढ़ाकर 15,380 करोड़ रुपये कर दिया गया है। यह परियोजना दिल्ली के लिए एक लाइफलाइन सिद्ध होगी। इसके साथ ही अतिरिक्त बिजली उत्पादन को नेट मीटरिंग के माध्यम से ग्रिड से जोड़ा जाएगा, जिससे नागरिकों को प्रत्यक्ष आर्थिक लाभ मिलेगा। दिल्ली में बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम को भी तेजी से बढ़ावा दिया जा रहा है। किलोकरी में स्थापित संयंत्र दक्षिण एशिया का सबसे बड़ा यूटिलिटी-स्केल सिस्टम है, बैटरी स्टोरेज सिस्टम के लिए 1000 करोड़ का प्रावधान किया गया है जो पिछले वर्ष की तुलना में 9 गुना अधिक है। भविष्य में ऐसे और सिस्टम दिल्ली में स्थापित किए जाएंगे।
सूद ने यह भी कहा की पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत राष्ट्रीय स्तर पर आवंटन बढ़कर 22000 करोड़ कर दिया गया है जो पिछले वर्ष 20000 करोड़ था। इसी प्रकार एक करोड़ परिवारों को अपने घर की छत्तो पर सोलर पैनल लगाने के लिए प्रोत्साहित किया गया है। इसके अतिरिक्त, खेलों के क्षेत्र में भी दिल्ली को एक स्पोर्ट्स हब के रूप में विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं। भारत को विश्व 36 के ओलंपिक की मेजबानी के लिए तैयार करने के लिए इस वर्ष के बजट में खेल मंत्रालय का कुल बजट बढ़ाकर 4479 करोड़ कर दिया गया है जो पिछले वर्ष की तुलना में 18 फीसद ज्यादा है। खेलो इंडिया मिशन के लिए 924 करोड रुपए आवंटित किए गए हैं। इस बार के बजट में पहली बार 500 करोड रुपए विशेष रूप से खेल उपकरणों के निर्माण के लिए दिए गए हैं। इसके साथ ही भारतीय खेल प्राधिकरण का बजट बढ़ाकर 918 करोड रुपए कर दिया गया है। दिल्ली सरकार ने दिल्ली के खेल बजट को तीन गुना बढ़कर 76 करोड़ कर दिया है।
