विरासत को संरक्षित रखते हुए आगे बढ़ रहा भारत: आदित्यनाथ
हरिद्वार{ गहरी खोज }: समन्वय सेवा ट्रस्ट के तत्वावधान में त्रिदिवसीय मूर्ति स्थापना समारोह के अंतिम दिन आज रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, केन्द्रीय मंत्री मनोह्रर लाल खट्टर व उत्तराखण्ड के सीएम पुष्कर सिंह धामी समेत कई दिग्गजों ने शिकरत की। ब्रह्मलीन स्वामी सत्यमित्रानंद गिरी महाराज के समाधि स्थल पर श्रीविग्रह मूर्ति स्थापना व अनावरण समारोह के दौरान योगी आदित्यनाथ ने कहा उत्तराखंड देवभूमि है। यहां के चारधाम वास्तव में भारत के आध्यात्मिक चेतना के आधार हैं। योगी ने कहा उत्तराखंड आज विकास और विरासत की यात्रा में आगे बढ़ रहा है। बीते ग्यारह सालों में देश के अंदर व्यापक परिवर्तन हुए हैं। एक भारत और श्रेष्ठ भारत के निर्माण के लिए सामूहिक प्रयास किये जा रहे हैं।
योगी आदित्नाथ ने कहा कि अयोध्या, काशी, मथुरा, प्रयागराज इन सभी से लेकर केदारपुरी और बदरीनाथ धाम, हरिद्वार तक विकास की नई गाथा विरासत को सरंक्षित करते हुए आगे बढ़ रही है। योगी आदित्यनाथ ने कहा आज भारत वास्तव में एक भौगोलिक टुकड़ा मात्र नहीं है। भारत ऋषि परंपरा की तपस्या है। भारत किसी सत्ता की उपज नहीं है ।
योगी आदित्यनाथ ने कहा भारत ने जीवन का दर्शन दिया है। यहां संस्कृति केवल आस्था नहीं है। भारत किसी एक तिथि में नहीं बना है। भारत किसी एक सत्ता की देन नहीं है। उन्होंने कहा सनातन भारत की चेतना का स्वाभाविक प्रवाह है। उन्होंने कहा इतिहास साक्षी है जो राष्ट्र अपनी सभ्यता और संस्कृति की उपेक्षा करता है, वह न वर्तमान को सुदृढ़ कर पाता है, न भविष्य को सुरक्षित कर पाता है।
योगी आदित्यनाथ ने कहा वैदिक भारत एक आत्मनिर्भर सभ्यता का प्रतीक है। उन्होंने कहा ये राष्ट्र हमारे ऋषियों की तपस्या से, किसानों के श्रम से, कारीगरों की सृजनशीलता से खड़ा हुआ था। योगी आदित्यनाथ ने कहा 2 हजार साल पहले दुनिया की अर्थव्यवस्था में भारत की हिस्सेदारी 44 फीसदी थी। 400 साल पहले दुनिया की अर्थव्यवस्था में भारत की हिस्सेदारी 25 फीसदी थी। ये सभी ऋषियों, किसानों, कारीगरों के बल पर थी। योगी आदित्यनाथ ने कहा ग्राम स्वराज की अवधारणा कोरी नहीं है। हमें गांवों, किसानों को मजबूत करना है। गांव राष्ट्र की नींव हैं।
योगी आदित्यनाथ ने कहा जहां तक उत्तर प्रदेश की बात है,यह केवल एक राज्य नहीं है, यह भारत की आत्मा का केंद्र बिंदु भी है। एक समय था जब उत्तर प्रदेश में विरासत को कोसा जाता था। रामभक्तों पर गोलियां चलाई जाती थी, तब अपमान रामभक्त का नहीं, भारत की विरासत का होता था। तब उत्तर प्रदेश अराजकता का अड्डा था। यहां कोई सुरक्षित नहीं था। दंगों की आग में झुलसता था। आज विरासत का सम्मान हुआ है तो यहां की तस्वीर बदली है। उत्तरप्रदेश आज देश की दूसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है। उन्होंने कहा 500 वर्षों के बाद आज अध्योध्या में राम मंदिर बन गया है। उन्होंने कहा कि बदरीनाथ, केदारनाथ, काशी, अयोध्या ये केवल धाम नहीं हैं, ये राष्ट्र चेतना के केंद्र हैं। राष्ट्र यहां से शक्ति प्राप्त करता है। उन्होंने कहा आस्था के केंद्रों को सम्मान के साथ विरासत के साथ आगे बढ़ाना है।
