तीसरी बार भाजपा सरकार बनी तो असम से एक-एक घुसपैठिया बाहर जाएगा : अमित शाह

0
622510072_1523970815751208_6191227759540502095_n

डिब्रूगढ़{ गहरी खोज }: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को डिब्रूगढ़ में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि यदि मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) तीसरी बार असम में सत्ता में आती है, तो राज्य से एक-एक बांग्लादेशी घुसपैठिये को बाहर किया जाएगा।
अपने संबोधन में अमित शाह ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि कांग्रेस ने केवल अपने वोट बैंक की राजनीति के लिए असम को बांग्लादेशी घुसपैठियों की चरागाह बना दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस शासन के दौरान काजीरंगा जैसे संरक्षित क्षेत्रों और गुरुजन की पवित्र भूमि तक पर अवैध कब्जेदारों को बसने का साहस मिला।
गृह मंत्री ने कहा कि असम की जनसांख्यिकी में हो रहे बदलाव को रोकने के लिए भाजपा को दोबारा सत्ता में लाना बेहद जरूरी है। उन्होंने डिब्रूगढ़ में दूसरी राजधानी के निर्माण को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा द्वारा लिए गए निर्णय की सराहना की और असम की जनता की ओर से मुख्यमंत्री को धन्यवाद भी दिया।
असम की चाय को लेकर अमित शाह ने बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने असम की चाय को पेरिस से लेकर बर्लिन तक वैश्विक पहचान दिलाई है। उन्होंने बताया कि यूरोपीय यूनियन के साथ मुक्त व्यापार समझौते के बाद असम की चाय को अंतरराष्ट्रीय बाजार में नई ऊंचाइयां मिलेंगी और यूरोप में बिना किसी शुल्क के असम की चाय पहुंचेगी। इससे चाय उद्योग और चाय बागान श्रमिकों को बड़ा लाभ होगा।
कांग्रेस शासन पर निशाना साधते हुए अमित शाह ने कहा कि उनके लंबे शासनकाल में असम को केवल गोली, बम और युवाओं की मौत मिली। इसके विपरीत भाजपा के शासन में राज्य में शांति स्थापित हुई है। उन्होंने कहा कि आज असम में बम और गोलियों की आवाज नहीं, बल्कि भूपेन हजारिका (भूपेन दा) के गीत गूंजते हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि आज़ादी के बाद दशकों तक शासन करने वाली कांग्रेस ने कभी असम के विकास के बारे में गंभीरता से नहीं सोचा। भाजपा सरकार के कार्यकाल में असम में 27 हजार करोड़ रुपये का सेमीकंडक्टर प्रोजेक्ट आया, कई कैंसर अस्पताल स्थापित हुए और विकास के क्षेत्र में आज असम प्रधानमंत्री की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है।
इसके साथ ही गृह मंत्री ने 26 जनवरी को कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा उत्तर-पूर्वी परिधानों के कथित अपमान को लेकर भी कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी असम और असमिया अस्मिता के प्रतीक गमोछा तथा विभिन्न जनजातियों के पारंपरिक परिधानों को गर्व के साथ पूरी दुनिया के सामने प्रस्तुत करते हैं, जबकि राहुल गांधी असम और उत्तर-पूर्व की संस्कृति एवं परिधानों का सम्मान नहीं करते। अमित शाह का यह भाषण आगामी चुनावों से पहले असम की राजनीति में एक मजबूत संदेश के रूप में देखा जा रहा है, जिसमें घुसपैठ, अस्मिता, विकास और राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया गया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *