निजी क्षेत्र की भागीदारी से बढ़ रहा भारत का स्पेस सेक्टरः डॉ. जितेन्द्र सिंह

0
9395991db5fa3e6209553d0abd077c71

नई दिल्ली{ गहरी खोज }: विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. जितेन्द्र सिंह ने कहा कि भारत का अंतरिक्ष क्षेत्र अब केवल सरकारी संस्थानों तक सीमित नहीं रहा बल्कि निजी कंपनियां भी इसमें तेजी से अपनी भूमिका मजबूत कर रही हैं। इन स्पेस के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अब तक करीब 1050 निजी कंपनियां विभिन्न अंतरिक्ष गतिविधियों के लिए अपनी क्षमताएं पंजीकृत कर चुकी हैं। यह आंकड़ा देश में बढ़ते स्पेस स्टार्टअप इकोसिस्टम की स्पष्ट तस्वीर पेश करता है।
डॉ. जितेन्द्र सिंह गुरुवार को राज्यसभा में स्पेस क्षेत्र में निजी भागीदारी को बढ़ावा देने संबंधी पूछे गए एक सवाल का जवाब दे रहे थे। उन्होंने कहा कि भारतीय अंतरिक्ष नीति-2023 के लागू होने के बाद निजी क्षेत्र के लिए नए अवसर खुले हैं। इस नीति के तहत निजी कंपनियों को रॉकेट लॉन्च करने, सैटेलाइट का निर्माण और संचालन करने, पृथ्वी अवलोकन, संचार सेवाएँ, डेटा संग्रह और वितरण, साथ ही ग्राउंड स्टेशन स्थापित करने की अनुमति दी गई है। इससे अंतरिक्ष गतिविधियों में प्रतिस्पर्धा बढ़ी है और नवाचार को बढ़ावा मिला है।
सरकार स्टार्टअप्स और उद्यमियों को आर्थिक सहायता भी प्रदान कर रही है। अब तक 2.36 करोड़ रुपये की राशि इन-स्पेस सीड फंड और प्री-इनक्यूबेशन एंटरप्रेन्योरशिप प्रोग्राम के तहत वितरित की जा चुकी है। इस सहायता से नए उद्यमों को तकनीकी विकास और व्यावसायिक विस्तार में मदद मिल रही है।
डॉ. जितेन्द्र सिंह ने कहा कि वर्ष 2022 में 8.4 अरब अमेरिकी डॉलर की अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था को 2033 तक बढ़ाकर 44 अरब डॉलर करने का लक्ष्य रखा गया है। इसमें से 11 अरब डॉलर का योगदान निर्यात से आने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि यह रणनीति प्लेटफॉर्म निर्माण, औद्योगिक इकोसिस्टम के विकास, उद्योग को सक्षम बनाने और अंतरराष्ट्रीय सहयोग पर आधारित है।
दशकीय विज़न रणनीति तीन प्रमुख स्तंभों- राजस्व सृजन, इकोसिस्टम विकास और अंतरिक्ष गतिविधियों को गति देने पर केंद्रित है। राजस्व बढ़ाने के लिए लॉन्च सेवाओं, सैटेलाइट संचालन, पृथ्वी अवलोकन, सैटेलाइट संचार और नेविगेशन सेवाओं के व्यावसायीकरण पर जोर दिया जा रहा है। निजी क्षेत्र की सक्रिय भागीदारी से न केवल रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे बल्कि भारत को एक प्रमुख अंतरिक्ष शक्ति के रूप में स्थापित करने में भी मदद मिलेगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *