शुद्ध मतदाता सूची मजबूत लोकतंत्र का आधार, भ्रामक सूचनाओं और दुष्प्रचार के विरुद्ध जागरूकता फैलाएं युवा : मुख्य चुनाव आयुक्त
नई दिल्ली{ गहरी खोज }: मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने शनिवार को एक संदेश में शुद्ध मतदाता सूची को मजबूत लोकतंत्र की आधारशिला बताया और कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) इसी उद्देश्य से शुरू किया गया है। प्रक्रिया के बिहार चरण को सफल बताते हुए उन्होंने कहा कि इसके चलते राज्य में इस बार रिकॉर्ड मतदान हुआ है। साथ ही उन्होंने देश के युवाओं से अपील की है कि वे भ्रामक सूचनाओं और दुष्प्रचार के विरुद्ध जागरूकता फैलाएं।
राष्ट्रीय मतदाता दिवस की पूर्व सन्ध्या पर सीईसी ने देशवासियों के नाम संदेश दिया है। इसमें उन्होंने वर्ष 2025 को आयोग के लिए उपलब्धियों और नवाचारों का वर्ष माना। उन्होंने कहा, “आयोग ने अपने नए और प्रभावी स्वरूप में न केवल मतदाता सूची की शुद्धता सुनिश्चित की और मतदान प्रक्रिया को प्रत्येक मतदाता के लिए अधिक सुगम बनाया, बल्कि निर्वाचन-संबंधी चुनौतियों का सफलतापूर्वक समाधान करते हुए निर्वाचन के प्रत्येक चरण को और अधिक सुदृढ़, पारदर्शी तथा विश्वसनीय बनाया।”
उन्होंने बताया कि वर्ष के दौरान आयोग ने लगभग 30 महत्वपूर्ण पहलें कीं। इनमें विशेष ज्ञान पुनरीक्षण, आईआईडीईएम के माध्यम से सघन प्रशिक्षण, 5000 से अधिक बोथ लेवल ऑफिसर और पर्यवेक्षकों का क्षमता निर्माण, ईसीआई नेट ऐप का शुभारंभ, मतदान केंद्रों पर मोबाइल जमा सुविधा तथा प्रति मतदान केंद्र अधिकतम 1200 मतदाताओं की सीमा तय करना शामिल है। उन्होंने बताया कि 2025 में आयोग ने उपराष्ट्रपति चुनाव और विभिन्न उपचुनावों का भी सफल आयोजन किया, जिससे चुनावी प्रबंधन में आयोग की दक्षता सिद्ध हुई। उन्होंने कहा कि डिजिटल युग की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए ईसीआई नेट ऐप के माध्यम से नागरिकों को एक ही मंच पर सभी चुनावी सेवाएं उपलब्ध कराई गईं, जो आयोग की तकनीकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
राष्ट्रीय मतदाता दिवस की पूर्व संध्या पर मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने देशभर के मतदाताओं को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि 25 जनवरी 1950 को, गणतंत्र दिवस से एक दिन पूर्व, भारत निर्वाचन आयोग की स्थापना हुई थी और तभी से 25 जनवरी को राष्ट्रीय मतदाता दिवस के रूप में मनाया जाता है। यह दिन लोकतंत्र की सबसे बड़ी शक्ति मतदाता को समर्पित है।
वैश्विक मंच पर भारत की भूमिका का उल्लेख करते हुए कुमार ने कहा कि भारत की पारदर्शी चुनाव प्रणाली को वैश्विक स्तर पर सराहना मिली है। ‘इंटरनेशनल आइडिया’ की अध्यक्षता भारत को सौंपा जाना गर्व का विषय है। साथ ही, जनवरी में आयोजित वैश्विक सम्मेलन में 70 से अधिक देशों के चुनाव प्रबंधन संस्थानों के प्रतिनिधियों की भागीदारी ने आयोग के अंतरराष्ट्रीय नेतृत्व को मजबूत किया।
उन्होंने युवाओं से विशेष अपील की कि वे न केवल मतदान करें बल्कि लोकतंत्र के राजदूत बनकर दूसरों को भी प्रेरित करें। भ्रामक सूचनाओं और दुष्प्रचार के विरुद्ध जागरूकता फैलाने का नेतृत्व करें। उन्होंने इस संदर्भ में इलेक्टरल लिटरेसी क्लब द्वारा देश के विभिन्न हिस्सों में किए जा रहे प्रयासों का भी उन्होंने उल्लेख किया।
