लंदन शॉपिंग सेशन के लिए गणतंत्र दिवस पर्व भी छोड़ने को तैयार मुख्यमंत्री : बाबूलाल मरांडी

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रांची{ गहरी खोज }: झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने राज्य की कानून-व्यवस्था, बढ़ते अपराध, बेरोजगारी और कथित घोटालों को लेकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर हमला बोला है। सोशल मीडिया के माध्यम से सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए मरांडी ने झारखंड की मौजूदा स्थिति को चिंताजनक बताया और मुख्यमंत्री से आत्ममंथन करने की अपील की है।
बाबूलाल मरांडी ने शनिवार को अपने पोस्ट में लिखा कि एक बैठक का एंट्री कार्ड मिलने पर फूले नहीं समाने वाले मुख्यमंत्री को कभी झारखंड की बदहाल स्थिति पर भी शर्म करनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री की नाकामी और निकम्मेपन की कीमत राज्य की जनता रोज़ चुका रही है। झारखंड को हर दिन नए ज़ख्म मिल रहे हैं, लेकिन मुख्यमंत्री को केवल व्हाइट बैज, महंगे कोट-मफलर और फोटो सेशन की चिंता है।
मरांडी ने कटाक्ष करते हुए कहा कि उन्हें यह सुनने में आया है कि मुख्यमंत्री ने “लंदन शॉपिंग सेशन” के लिए अपनी विदेश यात्रा को और बढ़ा लिया है और इस बार गणतंत्र दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्व से भी दूरी बनाने की तैयारी है। उन्होंने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि जब राज्य गंभीर संकटों से गुजर रहा है, तब मुख्यमंत्री विदेश भ्रमण में व्यस्त हैं।
नेता प्रतिपक्ष ने कानून-व्यवस्था की स्थिति पर सवाल उठाते हुए कहा कि जमशेदपुर से अपहृत व्यवसायी के पुत्र का अब तक कोई सुराग नहीं मिला है। सोमा मुंडा के हत्यारे खुलेआम घूम रहे हैं और पुलिस उन्हें पकड़ने में असफल साबित हो रही है। उन्होंने कहा कि राज्य का युवा रोजगार और नौकरी के लिए दर-दर भटकने को मजबूर है, लेकिन सरकार के पास कोई ठोस योजना नहीं है।
मरांडी ने राज्य में अवैध खनन का मुद्दा उठाते हुए कहा कि बालू, पत्थर और कोयला जैसे खनिजों की खुलेआम लूट मची हुई है। पहले शराब घोटाला सामने आया और अब उस घोटाले की जांच में ही घोटाले की बातें सामने आ रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि आदिवासियों की जमीन पर लगातार कब्जा किया जा रहा है और सरकार मूकदर्शक बनी हुई है।
उन्होंने सरस्वती पूजा के दिन बोकारो के एक स्कूल परिसर में आगजनी की घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि तीन स्कूल बसें धू-धू कर जलती रहीं और प्रशासन असहाय नजर आया। मरांडी ने मुख्यमंत्री से सवाल किया कि उनकी प्राथमिकता क्या है? झारखंड की ध्वस्त कानून-व्यवस्था की नैतिक जिम्मेदारी लेना या फिर आत्ममुग्धता में डूबे रहना?
बाबूलाल मरांडी ने कहा कि राज्य में हर ओर अराजकता का माहौल है और जनता खुद को असुरक्षित महसूस कर रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री से अपील की कि वे दिखावे की राजनीति छोड़कर राज्य की जमीनी समस्याओं पर ध्यान दें और जनता के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाएं।

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