दिल्ली विधानसभा परिसर को 25-26 जनवरी को तीन-तीन घंटे के लिए जनता के लिए खोला जाएगा : विजेंद्र गुप्ता
नई दिल्ली{ गहरी खोज }: गणतंत्र दिवस के अवसर पर दिल्ली विधानसभा परिसर को 25 एवं 26 जनवरी को जनता के लिए शाम 5 से रात्रि 8 बजे तक खोला जाएगा। इस अवसर पर नागरिक 115 वर्ष पुराने ऐतिहासिक विधानसभा परिसर का भ्रमण कर सकेंगे तथा उन्हें विधानसभा परिसर के महत्वपूर्ण विरासत स्थलों के बारे में जानकारी मिल पाएगी।
गणतंत्र दिवस समारोह के अंतर्गत दोनों दिनों में एक प्रसिद्ध बैंड द्वारा देशभक्ति धुनों की जोशीली प्रस्तुति दी जाएगी, जिसके साथ साहित्य कला परिषद द्वारा आकर्षक सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए जाएंगे। सायंकाल के समय विधानसभा परिसर को विशेष रूप से तिरंगे की लाइटिंग से सजाया जाएगा, जिससे आगंतुक उत्सवपूर्ण और देशभक्ति से परिपूर्ण वातावरण को महसूस कर सकेंगे l
दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने शनिवार को एक बयान में दिल्लीवासियों से 25 एवं 26 जनवरी को विधानसभा परिसर में आकर सच्चे देशभक्ति भाव के साथ गणतंत्र दिवस मनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि गणतंत्र दिवस भारत की संवैधानिक एवं लोकतांत्रिक आदर्शों की गौरवपूर्ण यात्रा को स्मरण कराता है। इस अवसर पर विधानसभा का भ्रमण नागरिकों को राष्ट्र के मूल्यों एवं विरासत से और अधिक गहराई से जोड़ने का अवसर प्रदान करेगा।
दिल्ली विधानसभा सचिवालय के मुताबिक नागरिकों को गणतंत्र दिवस समारोह को प्रत्यक्ष रूप से देखने, ऐतिहासिक दिल्ली विधानसभा परिसर की भव्यता और गरिमा का अनुभव करने, उसकी स्थापत्य विरासत को जानने तथा राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली के लोकतांत्रिक शासन में उसकी महत्वपूर्ण भूमिका को समझने का अवसर मिलेगा।
देशभक्ति प्रस्तुतियां राष्ट्र के प्रति गर्व, एकता एवं सम्मान की भावना को जागृत करेंगी। इसके साथ ही साहित्य कला परिषद द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रम भारत की समृद्ध कलात्मक विरासत को उजागर करेंगे और दर्शकों को देश की विविध परंपराओं एवं साझा सांस्कृतिक पहचान से जोड़ने के लिए प्रेरित करेंगे। ये सभी प्रस्तुतियां मिलकर उपस्थित जनसमूह में राष्ट्रीय गौरव एवं सांस्कृतिक सौहार्द को सुदृढ़ करेंगी।
गणतंत्र दिवस पर विधानसभा परिसर में प्रवेश के लिए किसी प्रकार के पूर्व पंजीकरण की आवश्यकता नहीं होगी। दोनों दिनों में सायं 5 बजे से वैध पहचान पत्र दिखाकर सुरक्षा जांच के उपरांत आगंतुकों को प्रवेश की अनुमति दी जाएगी। सचिवालय के मुताबिक ये पहल लोगों में देशभक्ति एवं राष्ट्रीय गौरव की गहरी और स्थायी भावना विकसित करने तथा उन्हें राष्ट्र की प्रगति एवं समृद्धि में सार्थक योगदान देने के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से की जा रही है।
