सीएक्यूएम की बैठक में निगरानी और बेहतर समन्वय पर रहा जोर
नई दिल्ली{ गहरी खोज }: दिल्ली-एनसीआर में उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती जिलों के प्रमुख क्षेत्रों से होने वाले वायु प्रदूषण को कम करने की दिशा में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने राज्य के अधिकारियों की बैठक बुलाई। शनिवार को हाइब्रिड रूप से आयोजित बैठक में सीएक्यूएम के अध्यक्ष राजेश वर्मा ने निर्देशों के अनुपालन की सख्त निगरानी और बेहतर समन्वय पर जोर दिया। सीएक्यूएम ने शनिवार को एक बयान में बताया कि इस बैठक में मेरठ शहर की वार्षिक कार्य योजना 2026 की स्थिति और उत्तर प्रदेश सरकार की वार्षिक कार्य योजना 2026 की समीक्षा पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। चर्चा में उद्योगों में ओसीईएम और एपीसीडी की स्थापना की स्थिति, उत्तर प्रदेश में फसल अवशेष जलाने को पूरी तरह समाप्त करने के प्रयासों की समीक्षा, वाहन प्रदूषण में कमी और कुशल यातायात प्रबंधन के उपायों पर भी चर्चा हुई। इसके अलावा राज्य में आयोग के वैधानिक निर्देशों का अनुपालन, टीपीपी द्वारा उत्सर्जन मानदंडों का अनुपालन की भी समीक्षा की गई जिसमें 2025-26 के दौरान कम से कम 5प्रतिशत बायोमास के सह-दहन का लक्ष्य शामिल है। एमएसडब्ल्यू और सीएंडडी अपशिष्ट प्रबंधन की व्यापक समीक्षा की गई। बैठक में क्षेत्र में वायु प्रदूषण को कम करने के लिए समयबद्ध तरीके से कार्यों के कार्यान्वयन, मजबूत निगरानी और एजेंसियों के बीच समन्वित प्रवर्तन पर जोर दिया गया।
