सॉफ्टवेयर इंजीनियर की मौत का मामला: दो बिल्डर और गिरफ्तार

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नोएडा{ गहरी खोज }: थाना नॉलेज पार्क क्षेत्र में बीते शुक्रवार की देर रात बेसमेंट बनाने के लिए खोदे गए गहरे गड्ढे में भरे पानी में डूबकर हुई सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज की मौत के मामले में थाना नॉलेज पार्क पुलिस ने आज दो और बिल्डरों को गिरफ्तार किया है। इस मामले में एक बिल्डर की पूर्व में गिरफ्तारी हो चुकी है। अन्य की पुलिस गिरफ्तारी का प्रयास कर रही है।
पुलिस आयुक्त श्रीमती लक्ष्मी सिंह के मीडिया प्रभारी विजय कुमार गौतम ने बताया कि पुलिस ने आज रवि बंसल पुत्र प्रकाश चंद निवासी जनपद फरीदाबाद हरियाणा तथा सचिन करनवाल पुत्र गोपाल करनवाल निवासी शालीमार गार्डन साहिबाबाद गाजियाबाद को गिरफ्तार किया है। उन्होंने बताया कि इनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 105, 125, 61(2) के तहत थाना नॉलेज पार्क में मुकदमा दर्ज है। उन्होंने बताया कि सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज की बीते शुक्रवार की देर रात को कार अनियंत्रित होकर बेसमेंट बनाने के लिए खोदे गए गहरे गड्ढे में भरे पानी में जा गिरी थी। इस घटना में उनकी मौत हो गई थी। उन्होंने बताया कि मृतक के पिता की शिकायत पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया था। इस मामले में पूर्व में एक बिल्डर अभय कुमार को गिरफ्तार किया गया है, जिसे 27 जनवरी तक न्यायालय ने न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। उन्होंने बताया कि आज गिरफ्तार दोनों आरोपितों को न्यायालय में पेश किया गया है।
पुलिस आयुक्त के मीडिया प्रभारी ने बताया कि इसी मामले मे उपनिरीक्षक रीगल कुमार ने बीती रात को थाना नॉलेज पार्क में रिपोर्ट दर्ज कराई है कि वह बीती रात को गस्त और चेकिंग करते हुए प्लाट संख्या एस सी-020 /ए-3 सेक्टर 150 पहुंचे तो उन्हें पता चला कि सार्वजनिक सड़क के पास एक बहुत लंबा -चौड़ा गड्ढा खुदा है, जो बड़े-बड़े यंत्रों से खुदाई कर बनाया गया है। उनके अनुसार इसमें कई वर्षों से पानी भरा है। इसकी गहराई काफी अधिक है। उन्होंने बताया कि पानी अधिक दिनों से भरे होने की वजह से जल प्रदूषित होकर कीचड़ जैसे रंग का हो गया है। उक्त जल में वर्षा के जल द्वारा भी अपने साथ काफी कूड़ा करकट पानी के बहाव में लाकर गढ्ढे में भर दिया गया है, जिससे वायु प्रदूषण फैल रहा है। एवं सुरक्षा तथा स्वास्थ्य पर प्रभाव पड़ रहा है। उक्त गढ्ढे के चारों ओर सुरक्षा का कोई प्रबंध या संकेतक आदि नहीं लगाए गए हैं। यह गड्ढा सड़क के काफी समीप है। इसे इस तरह से छोड़ना मानव जीवन के संभावित खतरे को दर्शाता है। साथ ही गंभीर दुर्घटनाएं होने, सार्वजनिक मार्ग के पास खुला जलमग्न गड्ढा, सार्वजनिक विद्रोह होने की सम्भावना को भी बढ़ा रहा है।
उनके अनुसार निर्माण प्रबंधन के नियमों का भी कोई पालन नहीं किया गया है। पास पड़ोस में रहने वाले नागरिकों द्वारा भी बताया गया है कि विपरीत दिशा से जब हवा चलती है तो इस जल भराव की गंदी हवा से सांस लेना दूभर हो जाता है। उक्त भू-स्वामी के बारे में जब जानकारी की गई तो पता चला कि उक्त भूखंड को वर्ष 2024 में नोएडा प्राधिकरण ने लोटस ग्रीन कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड को आवंटित किया था। उसके पश्चात वर्ष 2020 में उक्त भूखंड को लोटस ग्रीन कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड से विजटाउन द्वारा खरीदा गया। पुलिस को जांच में यह भी पता चला कि अभी भी लोटस ग्रीन कंस्ट्रक्शन की इसमें शेयर होल्डिंग शेष है। जिसमें अभय कुमार 32.20 प्रतिशत, संजय कुमार 27.30, मनीष कुमार 7, अचल बोहरा 3.05 व निर्मल कुमार (लोटस ग्रीन) की 30 प्रतिशत हिस्सेदारी है। उन्होंने बताया कि इन लोगों द्वारा किया गया यह कृत्य पर्यावरण संरक्षण अधिनियम की धारा 1986 की धारा 15 व जल प्रदूषण अधिनियम 1974 की धारा 24,43 व भारतीय न्याय संहिता की धारा 290, 270, 125 की हद को पहुंचता है।
उन्होंने बताया कि बिल्डर निर्मल सिंह, अभय कुमार सहित पांच लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर पुलिस मामले की जांच कर रही है। दोनों बिल्डरों के खिलाफ पूर्व में मृतक युवराज मेहता के पिता द्वारा मुकदमा दर्ज करवाया गया था। पुलिस ने बिल्डर अभय कुमार को गिरफ्तार कर लिया है। बिल्डर निर्मल सिंह आदि अभी भी फरार है। उन्होंने बताया कि निर्मल सिंह की गिरफ्तारी के लिए कोर्ट से वारंट लेने का पुलिस प्रयास कर रही है।

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