बेलडांगा हिंसा मामले में सीसीटीवी फुटेज जांचने के बाद पांच और आरोपी गिरफ्तार

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कोलकाता{ गहरी खोज } : पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले के बेलडांगा इलाके में पिछले सप्ताह भड़के हिंसक प्रदर्शनों के मामले में पुलिस ने मंगलवार को पांच और लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो और इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच के बाद इन आरोपियों की पहचान की गई। इसके साथ ही इस मामले में अब तक गिरफ्तार आरोपियों की कुल संख्या बढ़कर 36 हो गई है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान नूर आलम, रबीउल इस्लाम, नूर आलम मोल्ला, लादिम शेख और तुफैल शेख के रूप में की गई है। मुर्शिदाबाद के पुलिस अधीक्षक सनी राज ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज और सोशल मीडिया वीडियो के विश्लेषण के बाद इन लोगों की संलिप्तता सामने आई, जिसके बाद इन्हें हिरासत में लिया गया।
बेलडांगा में हुई हिंसा के मद्देनजर केंद्रीय बलों की तैनाती की मांग को लेकर सोमवार को कलकत्ता उच्च न्यायालय में एक जनहित याचिका दायर की गई थी। कलकत्ता उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश सुजॉय पॉल ने इस जनहित याचिका को दाखिल करने की अनुमति दे दी। इससे पहले, राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी ने भी राज्यपाल आनंद बोस को पत्र लिखकर बेलडांगा में केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की तैनाती का अनुरोध किया था।
झारखंड में मुर्शिदाबाद जिले के एक प्रवासी मजदूर की मौत के बाद से ही बेलडांगा और आसपास के इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है। इसी घटना के विरोध में पिछले शुक्रवार को हिंसक प्रदर्शन हुए थे। शनिवार की सुबह एक बार फिर बेलडांगा में अशांति फैल गई। झारखंड में कथित तौर पर एक प्रवासी मजदूर की हत्या के विरोध में सैकड़ों प्रदर्शनकारियों ने बेलडांगा के बरुआ मोड़ चौराहे को जाम कर दिया। न्याय की मांग कर रहे इन प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रीय राजमार्ग-12 को पूरी तरह अवरुद्ध कर दिया। इतना ही नहीं, घटना को कवर करने पहुंचे कई मीडियाकर्मियों पर भी हमला किया गया।
प्रदर्शन के दौरान सियालदह-लालगोला रेलखंड पर महेशपुर के पास रेलवे लाइन को भी बाधित किया गया। प्रदर्शनकारियों ने रेलवे पटरियों पर बांस के डंडे गाड़ दिए और प्रवासी मजदूर की तस्वीरें लटकाकर प्रदर्शन किया। पुलिस के मौके पर पहुंचते ही हालात और बिगड़ गए और स्थानीय लोगों तथा पुलिस के बीच झड़प हो गई। इस दौरान मीडिया कर्मियों को भी निशाना बनाया गया, जिससे स्थिति और तनावपूर्ण हो गई।
घटना के बाद तृणमूल कांग्रेस के बहरामपुर सांसद यूसुफ पठान द्वारा इलाके का दौरा न करने को लेकर भी सवाल उठते रहे। घटना के तीन दिन बाद यूसुफ पठान ने स्थिति का जायजा लेने के लिए बेलडांगा का दौरा किया। मंगलवार को हुई गिरफ्तारियों से पहले इस मामले में हैदराबाद स्थित अल्पसंख्यक राजनीतिक पार्टी एआईएमआईएम के एक नेता सहित 31 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका था। हालात को काबू में करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज कर नाकाबंदी हटाई और इलाके में अतिरिक्त बल तैनात किए गए।

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