कल से शुरू हो रहा है पंचक, इस दौरान भूलकर भी न करें ये काम, वरना हो जाएगा अनर्थ!

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धर्म { गहरी खोज } : हिंदू धर्म में पंचक को अशुभ समय माना गया है। इस दौरान कोई भी शुभ और मांगलिक कार्य नहीं किए जाते हैं। इसके अलावा और कई ऐसे काम हैं जो पंचक में नहीं किए जाते हैं। कहते हैं पंचक में इन कामों को करने से व्यक्ति के जीवन में कई तरह की परेशानियां आ सकती हैं। उन्हें तरह-तरह कि दिक्कतें झेलनी पड़ती हैं। 20 जनवरी 2026 से पंचक आरंभ हो रहा है। 19 जनवरी को देर रात 1 बजकर 36 मिनट पर पंचक शुरू होगा। पंचक का समापन 25 जनवरी की दोपहर 1 बजकर 36 मिनट पर होगा। आपको बता दें कि धनिष्ठा एक पंचक नक्षत्र है। धनिष्ठा से लेकर रेवती तक के पांच नक्षत्रों को पंचक नक्षत्र कहा जाता है। पंचक की श्रेणी में धनिष्ठा पहला पंचक है। तो आइए जानते हैं कि पंचक में कौनसे काम नहीं करने चाहिए।

पंचक न करें ये काम

  • पंचक के दौरान घर में लकड़ी का कार्य नहीं कराना चाहिए। पंचक में लकड़ी का काम कराना अच्छा नहीं माना जाता है।
  • पंचक के दौरान आपको घर से जुड़ी किसी भी तरह का निर्माण कार्य नहीं करना चाहिए।
  • पंचक के समय घर की नींव डलवाना, छत डलवाने से तो आपको पूरी तरह बचना चाहिए।
  • पंचक में घर से संबंधित लकड़ी या लोहे का सामान भी नहीं खरीदना चाहिए।
  • पंचक काल में आपको नाखून, बाल कटवाने से भी बचना चाहिए। इसकी वजह से आपका अहित हो सकता है।
  • पंचक काल के दौरान विवाहित महिलाओं को अपने ससुराल जाने से भी बचना चाहिए। वरना आपके वैवाहिक जीवन में दिक्कतें आ सकती हैं।
  • पंचक के दौरान शुभ-मांगलिक कार्य नहीं किए जाते हैं। पंचक में ये काम करने से शुभ परिणाम नहीं मिलते हैं।
    पंचक के बारे में
    मंगलवार को शुरू होने वाला पंचक अग्नि पंचक कहलाता है। इस पंचक में किसी भी तरह का निर्माण कार्य, औजार और मशीनरी कामों की शुरुआत करना अशुभ माना गया है। इनसे नुकसान होने की संभावना बनी रहती है। पंचक इन 5 खास नक्षत्र में ही लगता है जो कि धनिष्ठा, शतभिषा, उत्तरा भाद्रपद, पूर्वा भाद्रपद व रेवती नक्षत्र आते हैं। इन सभी पंचक में कोई भी शुभ कार्य नहीं किए जाते हैं।

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