सूखी तुलसी को यूं फेंकना पड़ जाएगा भारी; शास्त्रों में बताए गए हैं खास नियम, सही दिन और विधि से करें तुलसी विसर्जन
धर्म { गहरी खोज } : भारतीय हिंदू परिवारों के घरों में तुलसी का पौधा जरूर लगाया जाता है। सुबह शाम तुलसी वंदना सनातन धर्म की परंपरा रही है, जो वैदिक काल से आज तक निभाई जा रही है। सनातनियों के लिए तुलसी केवल एक औषधीय या सजावटी पौधा नहीं, बल्कि मां लक्ष्मी का स्वरूप माना जाता है। घर में तुलसी की नियम से आराधना से सकारात्मक ऊर्जा, सुख-समृद्धि और शांति का वास होता है। लेकिन कई बार मौसम, देखभाल की कमी या वास्तु दोष के कारण तुलसी का पौधा सूख जाता है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल होता है सूखी तुलसी का क्या करें?
तुलसी सूख जाए तो क्यों न रखें घर में?
धार्मिक मान्यताओं और वास्तु शास्त्र के अनुसार सूखा हुआ तुलसी का पौधा घर में नकारात्मक ऊर्जा बढ़ा सकता है। इसे लंबे समय तक घर में रखना मानसिक अशांति और आर्थिक रुकावटों का कारण बन सकता है। इसलिए सूखने के बाद तुलसी का सम्मानपूर्वक विसर्जन जरूरी होता है।
विसर्जन का सही समय और शुभ दिन
सूखी तुलसी को हटाने के लिए गुरुवार या शुक्रवार का दिन सबसे उत्तम माना गया है। इन दिनों भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की कृपा मानी जाती है। रविवार, एकादशी या ग्रहण के दिन तुलसी विसर्जन से बचना चाहिए।
सम्मानपूर्वक विसर्जन की सही विधि
तुलसी को जड़ से निकालते समय “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का जाप करें। इसे कभी भी कचरे में न फेंकें। बेहतर है कि इसे किसी पवित्र नदी या बहते जल में प्रवाहित करें। नदी उपलब्ध न हो तो गमले की मिट्टी में गहरा गड्ढा खोदकर तुलसी को दबा दें, ताकि वह खाद बनकर मिट्टी में मिल जाए।
पुराने गमले की मिट्टी का क्या करें?
तुलसी की मिट्टी को भी पवित्र माना जाता है। इसे फेंकने की बजाय नए तुलसी के पौधे में या अन्य फूलों के गमलों में डाल सकते हैं। इससे मिट्टी की उर्वरता भी बनी रहती है।
तुलसी बार-बार सूख रही है तो अपनाएं ये उपाय
पुरानी तुलसी हटाने के बाद स्थान को गंगाजल से शुद्ध करें और नया पौधा लगाएं। सप्ताह में एक बार तुलसी की जड़ में थोड़ा जल और कच्चा दूध अर्पित करें। तुलसी को हमेशा उत्तर या उत्तर-पूर्व दिशा में रखें और उसके आसपास गंदगी या कांटेदार पौधे न लगाएं।
