दूरस्थ मजरे, टोले में भी पहुंचती जा रही बिजली

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अभियान चलाकर मालवा निमाड़ में 1005 घरों को किया रोशन

भोपाल{ गहरी खोज }: रिवेम्प्ड डिस्ट्रिब्यूशन सेक्टर स्कीम अंतर्गत पश्चिम क्षेत्र विद्य़ुत वितरण कंपनी धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान में इंदौर जिले के महू बिजली संभाग के दूरस्थ वनवासी क्षेत्र समेत मालवा निमाड़ में उन घरों को रोशन किया गया, जो घर मूल गांवों से दो से तीन किमी दूर की मजरे, टोले की बसाहट वाले थे। इन गांवों के वनवासी परिवार अब इस बात के लिए खुश हैं कि घर मे बच्चे बल्ब की रोशनी में पढ़ाई कर रहे हैं। मोबाइल भी अपने ही घर पर चार्ज हो रहा है। टीवी भी चलाई जा रही है।
मध्यप्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी इंदौर के प्रबंध निदेशक श्री अनूप कुमार सिंह ने बताया कि पिछले तीन माह के दौरान अभियान चलाकर दूरदराज के मजरे, टोले में दो चार घर होने पर भी नए ट्रांसफार्मर, तार, पोल स्थापित कर बिजली प्रदान की गई है। वनवासी बहुल टोले, फलिए मजरों को बिजली कार्मिकों द्वारा ट्रेक्टरों, बैलगाड़ियों से पोल, तार, केबल भेजकर रोशन किया जा रहा है। प्रतिदिन तलहटी, पहाड़ों से तार, केबल, पोल लाने ले जाने का कार्य कर वनवासी घरों तक बिजली पहुंचाई जा रही हैं। तीन माह के दौरान एक हजार पांच घरों में रोशनी पहुंचाई गई है, ये घर मूल बसाहट, आबादी, गांवों से दूर स्थित थे। रतलाम जिले में 68, उज्जैन जिले में 52, मंदसौर में 15, नीमच में 25, शाजापुर में 8 दूरस्थ घरों तक बिजली पहुंचाई गई है। इसी तरह बुरहानपुर में 58, धार में 112, खंडवा में 71, आलीराजपुर जिले में 101, झाबुआ में 92, बड़वानी में 112, खरगोन में 252, देवास में 10 से ज्यादा घरों में रोशन पहुंचाई गई है। धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहत दूरदराज के क्षेत्रों में विद्युतीकरण कार्य अभी भी जारी है। इसकी नियमित रूप से मानिटरिंग की जा रही है।

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