धुरंधर’ की रिलीज के बाद विवेक अग्निहोत्री ने किया रिव्यू

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मुम्बई{ गहरी खोज }:’धुरंधर’ : रणवीर सिंह की लेटेस्ट फिल्म ‘धुरंधर’ बॉक्स ऑफिस पर जमकर कमाई कर रही है। फिल्म 5 दिसंबर 2025 को सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी और रिलीज के 31 दिनों के बाद भी फिल्म की कमाई की रफ्तार थमने का नाम नहीं ले रही है। ‘धुरंधर’ ने 31 दिनों के अंदर बॉक्स ऑफिस पर दुनियाभर में 1200 करोड़ का आंकड़ा पार कर लिया है। वहीं फिल्म के घरेलू कलेक्शन की बात करें तो ये 800 करोड़ की कमाई कर चुकी है। अब तक इस फिल्म पर दर्शक ही नहीं कई सेलिब्रिटी भी प्यार लुटा चुके हैं। हाल ही में अनुराग कश्यप ने ‘धुरंधर’ की तारीफ की थी और अब डायरेक्टर विवेक अग्निहोत्री ने भी फिल्म पर अपने विचार साझा किए हैं।
विवेक अग्निहोत्री ने X पर एक पोस्ट शेयर करते हुए बताया कि उन्होंने अब जाकर ‘धुरंधर’ देखी है। उन्होंने बताया कि वह अब तक विदेश में थे और अब जब वह भारत लौट आए हैं तो उन्होंने भी धुरंधर देखी और इसी के साथ उन्होंने फिल्म की जमकर तारीफ की। लेकिन, उन्होंने अपने पोस्ट में न तो अक्षय खन्ना का जिक्र किया है और न ही रणवीर सिंह का, बल्कि किसी और की ही तारीफ की है।
एक्स पर विवेक अग्निहोत्री ने ‘धुरंधर’ का रिव्यू करते हुए लिखा – ‘धुरंधर, दो महीने के बाद भारत वापस लौटा और सबसे पहले हमने आदित्य धर की फिल्म धुरंधर देखी। मैं पूरी तरह से रह गया और मुझे गर्व महसूस हो रहा है। फिल्म निर्माण की प्रक्रिया को समझने वाला कोई भी व्यक्ति यह जान सकता है कि ऐसी फिल्म बनाने के लिए कितनी मेहनत लगती है। दूरदृष्टि, लेखन, आत्मविश्वास, अपने अंतर्ज्ञान पर भरोसा… इस तरह की फिल्में संयोग से नहीं बनतीं।’
मेरे दोस्त सैनी एस जोहरी का प्रोडक्शन डिजाइन अभूतपूर्व है, यह केवल सजावटी नहीं बल्कि कहानी को कहता है। यंग म्यूजिक कंपोजर शाश्वत सचदेव का का म्यूजिक न केवल नया है बल्कि गहराई से जुड़ा हुआ है। विकास नौलखा की सिनेमेटोग्राफी युवा सिनेमैटोग्राफरों के लिए एक नई मिसाल है। अभिनय… जी हां, कुछ किरदारों की चर्चा तो होगी ही। लेकिन धुरंधर की असली जीत यह है कि छोटे से छोटे और महत्वहीन किरदारों ने भी अपना बेस्ट दिया है। हर चेहरा सोच-समझकर चुना गया, निर्देशित किया गया और रखा गया लगता है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि हर डिपार्टमेंट ने एक अद्भुत तालमेल दिखाया है, एक इकाई की तरह काम कर रहा है। इस तरह का सामंजस्य संयोग से नहीं बनता। इसे देखकर ही पता चलता है कि यह पूरी तरह से लेखक/निर्देशक की फिल्म है।’ ‘आदित्य धर, मैंने हमेशा आपके काम की प्रशंसा की है, खासकर आपके भव्यता और डिजाइन की समझ की, लेकिन यह तो आपका एक अलग ही स्तर है। मैंने फिल्म को देखकर सचमुच गर्व महसूस किया… आप पर गर्व, आपकी कला पर गर्व, भारतीय सिनेमा पर गर्व। आप सचमुच भाग्यशाली हैं। भगवान के लाडले। आपको और शक्ति मिले। आगे बढ़ते रहिए। अपने स्तर को ऊंचा करते रहिए। जब युवा पीढ़ी इस तरह का काम करती है, तभी भारतीय सिनेमा आगे बढ़ता है। सीधी सी बात है। शाबाश!’

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