खालिदा जिया के जनाजे में उमड़ा जनसैलाब,पति की कब्र के पास किया गया दफन
ढाका { गहरी खोज }: बांग्लादेश की प्रथम महिला प्रधानमंत्री और बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) की अध्यक्ष बेगम खालिदा जिया को बुधवार सुपुर्द-ए-खाक किया गया। उनके लिए नमाज-ए-जनाजा दोपहर को ढाका के माणिक मिया एवेन्यू में पढ़ी गई। उनके पार्थिव शरीर को उनके पति जिया-उर-रहमान की कब्र के पास दफन किया गया। बांग्लादेश के विभिन्न हिस्सों से शोक में डूबे हजारों लोग इस मौके पर मौजूद रहे। भारत के विदेशमंत्री एस जयशंकर ने भी खालिदा जिया के बेटे तारिक रहमान से मुलाकात की और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का शोक पत्र सौंपा।
द डेली स्टार की रिपोर्ट के अनुसार 80 वर्षीय खालिदा को 23 नवंबर को एवरकेयर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वह दिल और फेफड़ों के संक्रमण से पीड़ित थीं। वह निमोनिया से भी जूझ रही थीं। इसी साल छह मई को एडवांस मेडिकल केयर लेने के बाद लंदन से लौटने के बाद से खालिदा की एवरकेयर अस्पताल में नियमित जांच हो रही थी। खालिदा ने 80 वर्ष की आयु में संघर्ष की मजबूत विरासत के साथ कल यहां एवर केयर अस्पताल में अंतिम सांस ली। आज दोपहर 2:30 बजे बैतुल मोकर्रम नेशनल मस्जिद के खतीब मुफ्ती अब्दुल मालेक ने नमाज-ए-जनाजा पढ़ाई। उन्हें आज जातीय संसद भवन के साउथ प्लाजा में नमाज-ए-जनाजा के बाद राजधानी के शेर-ए-बांग्ला नगर में उनके पति पूर्व राष्ट्रपति जिया-उर-रहमान के बगल में दफनाया गया।
उनके जनाजे में शामिल 32 राजनयिकों में कार्यवाहक अमेरिकी राजदूत मेगन बोल्डिन, ब्रिटिश उच्चायुक्त सारा कुक, चीन के राजदूत याओ वेन और यूरोपीय संघ के राजदूत माइकल मिलर शामिल हैं। इसके अलावा कार्यवाहक रूसी राजदूत एकातेरिना सेमेनोवा, जापानी राजदूत साइदा शिनिची, कनाडाई उच्चायुक्त अजीत सिंह, ऑस्ट्रेलियाई उच्चायुक्त सुसान रिले और रेटो सिगफ्रीड रेंगली भी शामिल हैं। इनके अलावा, नीदरलैंड, लीबिया, फिलीपींस, सिंगापुर, फिलिस्तीन, दक्षिण कोरिया, म्यांमार, इटली, स्वीडन, स्पेन, इंडोनेशिया, नॉर्वे, ब्राजील, मोरक्को, ईरान, अल्जीरिया, ब्रुनेई, थाईलैंड, कतर, डेनमार्क और मलेशिया के राजदूत और उच्चायुक्त भी जनाजे में शामिल हुए। वह अपने बेटे तारिक, उनकी पत्नी और उनकी बेटी को पीछे छोड़ गईं। तारिक रहमान 17 साल के निर्वासन के बाद 25 दिसंबर को बांग्लादेश लौटे। खालिदा के छोटे बेटे अराफात रहमान कोको की कुछ साल पहले मलेशिया में मौत हो चुकी है।
